
स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, लगातार आने वाली सूचनाओं और अत्यंत व्यस्त जीवनशैली के इस दौर में क्या कोई यह कल्पना कर सकता है कि वह लगातार दस दिनों तक बिना मोबाइल फोन, पुस्तकों, समाचार
* मुंह के छालों से राहत के लिए हरी इलायची के दानों को पीसकर, थोड़ा सा शहद मिलाकर, इस पेस्ट को छालों पर 5 मिनट लगाएं और लार टपकने दें। इससे मुंह के छालों से आराम मिलेगा।
कई सदियों से तुम नाना प्रकार के सुधार, आदर्श आदि की बातें कर रहे हो और जब काम करने का समय आता है तब तुम्हारा पता ही नहीं मिलता। अत: तुम्हारे आचरणों से सारा संसार क्रमश: हताश हो रहा है और समाज सुधार का नाम तक समस्त संसार के उपहास की वस्तु हो गई है। इसका कारण क्या है?
वेदनाओं का खेल तो सतत चलता रहता है। तनिक ध्यान से देखें तो अनुभव होगा कि शरीर के रोम-रोम में ऊर्जा प्रवाहित होती ही रहती है। और यह ऊर्जा प्रवाह एक नियमित ढंग से चलता है और उससे जीवन में एक संतुलन आता है। तभी यह भी अनुभव होता है कि मैं केवल शरीर या उसमें होने वाली संवेदनाएं मात्र ही नहीं हूं। मैं तो जन्म-जन्मांतर इन संवेदनाओं की क्रिया-प्रतिक्रिया के झमेले में ही उलझा रहा। इस क्रम का साक्षी हो जाना ही मुक्ति है। भावनाओं और संवेदनाओं का साक्षी हो जाना उनसे पार हो जाना है। यही ज्ञान है कि वास्तव में यह सब क्या था? एक भाव आया, तदोनुसार शरीर में संवेदना हुई, उसने मन पर एक छाप अंकित कर दी, उससे एक और भाव उठा। बस यही क्रम चलता रहता है। इस तरह लालसा, घृणा, भाव, संवेदनाओं का चक्र हमारे सूक्ष्म और स्थूल दोनों शरीरों
सद्गुरु जीवन शिक्षक होता है, जो स्वयं जीवन जी कर ऐसे पद-चिन्ह छोड़ जाता है जिन पद-चिन्हों पर चलकर आनंद की अवस्था प्राप्त होती है। जिसके पद-चिन्हों का अनुकरण व अनुसरण करके गुरसिख कमल की भांति निर्लेप जीवन जी सकता है। सद्गुरु स्वयं भी सहज व आनंद में रहता है। दु:ख-सुख, खुशी-गम, लाभ-हानि, मान-अपमान आदि से कहीं ऊपर है आनंद की अवस्था, जहां सद्गुरु अपने शिष्यों को देखना चाहता है, इसके लिए सदा सकारात्मक सोच व भावनाओं को अपनाने की प्रेरणा देता है। ऐसा तब ही संभव है जब निराकार को सदैव अंग-संग महसूस किया जाए। जैसे सुगंधि निराकार रूप में सदा होती है परंतु साकार फूलों द्वारा ही प्रकट होती है। ऐसे ही बरकतें एवं आशीर्वाद निराकर रूप में चाहे व्यापक है परंतु साकार सद्गुरु द्वारा ही प्रकट होकर हर प्राणी तक पहुंचते हैं,
केंद्र सरकार की नई थ्री लेंग्वेज पॉलिसी को लेकर बीते कई दिनों से टेंशन में डूबे आए लाखों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने फैसला किया है कि अब सातवीं से नौवीं कक्षा के छात्रों को बीच में भाषा ...
अटल मेडिकल एवं रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए विभिन्न पैरामेडिकल और बी-फॉर्मेसी (आयुर्वेद) पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इन प्रोफेशनल ...
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातकोत्तर (पीजी), डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग व साक्षात्कार का शेड्यूल जारी कर दिया है। स्नातकोत्तर ...
एनसीईआरटी यानी नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 की एमरजेंसी को शामिल किया है। नई किताब ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी-इंडिया ...