विवाह पंचमी : जब राम ने किया सीता से विवाह

धर्म ग्रंथों के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को भगवान राम ने माता सीता के साथ विवाह किया था। अतः इस तिथि को श्रीराम विवाहोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसको विवाह पंचमी भी कहते हैं। भगवान राम चेतना के प्रतीक हैं और माता सीता प्रकृति शक्ति…

सुयोग्य संतान देता है स्कंद षष्ठी का व्रत

स्कंद षष्ठी का व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को किया जाता है। तिथितत्त्व ने चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी को स्कंद षष्ठी कहा है। यह व्रत संतान षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। कुछ लोग आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को…

पद्मनाभ मंदिर  में लक्षदीपम पर्व

तिरुवनंतपुरम के श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर में 21 नवंबर से मुरजपम एवं लक्षदीपम पर्व का आयोजन शुरू हो गया है, जो कि 15 जनवरी तक चलेगा। मकर संक्रांति पर 1 लाख दीपक जलाकर इसका समापन किया जाएगा। यह सदियों पुराना अनुष्ठान है, जो हर 6 साल में एक…

गुरु तेग बहादुर जी का अद्वितीय बलिदान

नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी महान आध्यात्मिक चिंतक तथा गंभीर धर्म साधक थे। सन् 1621 वैशाख माह में आपका जन्म पिता श्री हरगोबिंद जी तथा माता बीबी नानकी के घर हुआ था। आपकी आध्यात्मिक रुचियां एवं वैरागी प्रवृत्ति बचपन से ही प्रफुल्लित होने…

रघुनाथ मंदिर

जम्मू-कश्मीर मां श्रीवैष्णो दरबार के लिए तो विश्वविख्यात है ही, वहीं जम्मू शहर में तवी नदी का पुल पार करते ही रघुनाथ बाजार में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राजपरिवार द्वारा निर्मित रघुनाथ मंदिर की आभा, सुंदरता, भव्यता देखते ही बनती है। मंदिर में…

धन लक्ष्मी स्तोत्र

देवी देवमुपागम्य नीलकंठं मम प्रियम्। कृपया पार्वती प्राह शंकरं करुणाकरम्।। 1।। बू्रहि वल्लभ साधूनां दरिद्राणां कुटुम्बिनाम्। दरिद्र दलनोपायमंजसैव धनप्रदम्।। 2।। पूजयन् पार्वतीवाक्यमिदमाह महेश्वरः। उचितं जगदम्बासि तव भूतानुकम्पया।। 3।।…

विवेक चूड़ामणि

गतांक से आगे... ब्रह्माभिन्नत्वविज्ञानं भवमोक्षस्य कारणम। येनाद्वितीयतानंद ब्रह्म संपद्यते बुधैः।। ब्रह्म और आत्मा के अभेद ज्ञान ही भवबंधन से मुक्त होने का कारण है,जिसके द्वारा बुद्धिमान पुरुष अद्वितीय आनंदस्वरूप ब्रह्मपद को प्राप्त कर…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

महाभारत के अनुसार पांडु हस्तिनापुर के महाराज विचित्रवीर्य और उनकी दूसरी पत्नी अम्बालिका के पुत्र थे। उनका जन्म महर्षि वेद व्यास के वरदान स्वरूप हुआ था। वे पांडवों के पिता और धृतराष्ट्र के कनिष्ठ भ्राता थे। जिस समय हस्तिनापुर का सिंहासन…

मंत्र सिद्धि के लिए होने वाली प्रक्रिया पुरश्चरण है

तांत्रिक साधनों में मंत्र जप का विशेष विधान है। किसी भी मंत्रसिद्धि के लिए जो प्रक्रिया की जाती है, उसे पुरश्चरण कहते हैं। इसके पांच भाग इस प्रकार हैं : जप, हवन, तर्पण, मार्जन तथा ब्राह्मण-भोजन। प्रत्येक मंत्र के लिए एक संख्या निर्धारित…

14 साल की उम्र में शहनाज की मंगनी हो गई

सौंदर्य के क्षेत्र में शहनाज हुसैन एक बड़ी शख्सियत हैं। सौंदर्य के भीतर उनके जीवन संघर्ष की एक लंबी गाथा है। हर किसी के लिए प्रेरणा का काम करने वाला उनका जीवन-वृत्त वास्तव में खुद को संवारने की यात्रा सरीखा भी है। शहनाज हुसैन की बेटी नीलोफर…

पौष्टिक आहार है दलिया

दलिया साबुत अनाज है, इसमें प्रोटीन, विटामिन बी1, बी2,फाइबर के अलावा और भी बहुत सारे पोषक तत्त्व भरपूर मात्रा में शामिल हैं। लो कैलोरी दलिए का सेवन ज्यादातर लोग नाश्ते में करते हैं। सुबह के समय दलिए का सेवन करने से सारा दिन शरीर में स्फूर्ति…

किताब पढ़ने के हैं कई स्वास्थ्य  लाभ

इस डिजिटल होती दुनिया में किताबें अब बस लोगों की अलमारियों में ही सजी हुई नजर आती हैं। इस इंटरनेट उन्माद दुनिया में हार्डबाउंड पुस्तकों और उपन्यासों ने अपना आकर्षण खो दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज बच्चों में एक सकारात्मक पढ़ने की आदत…

विष्णु पुराण

तस्त तस्मिंगे दरसमीप परिवर्तिनि। आसीच्चेनः समासक्त प यथावंता द्विज।। विमुक्तराज्यतनय प्रोज्झिताशेषांधव। ममत्व स चकारोच्चैस्त स्मिनन्हरिणबालके।। कि बृर्कर्भक्षितो व्याघ्रःकिसिहेन निपातितः। निरायमाणै निष्क्रिंते तस्याः सीदिति मानसम।।…

ठंड में खाएं ये आहार

ठंड के मौसम में सर्दी के असर से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन शरीर को चाहे कितने ही गर्म कपड़ों से ढक लिया जाए, ठंड से लड़ने के लिए बॉडी में अंदरूनी गर्मी होनी चाहिए। सर्दियों के मौसम में सर्द हवाएं अपने साथ कई तरह…

दादी मां के नुस्खे

* संतरे के छिल्के भी चेहरे के दाग हटाने में कारगर हैं। संतरे के ताजे छिल्के पीस कर, इसमें शहद मिलाएं और दाग पर लगाएं। * दही में चावल का आटा मिलाकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं। Email : feature@divyahimachal.co पाठकों से- अगर आपको…