व्रत एवं त्योहार

11 अगस्त रविवार, श्रावण, शुक्लपक्ष, एकादशी, पवित्रा एकादशी व्रत 12 अगस्त सोमवार, श्रावण, शुक्लपक्ष, द्वादशी, सोम प्रदोष व्रत 13 अगस्त मंगलवार, श्रावण़, शुक्लपक्ष, त्रयोदशी 14 अगस्त बुधवार, श्रावण, शुक्लपक्ष, चतुर्दशी 15…

कार्पल टनल सिंड्रोम का संकेत

कलाई में लगातार हो रहा यह दर्द कार्पल टनल सिंड्रोम का संकेत भी हो सकता है, जो लगातार 8-9 घंटे तक कम्प्यूटर पर काम करने से हो रहा है। इसके कारण कलाई में दर्द कई बार इतना बढ़ जाता है कि सहन करना ही मुश्किल हो जाता है। इतना ही नहीं, दर्द की…

दादी मां के नुस्‍खे

* रात को सोने से पहले नाक के छिद्रों में 1-1 बूंद गाय के शुद्ध घी की डालने से दिमाग तेज होता है। * पके पपीते के टुकड़े काट कर चेहरे पर रगड़ें। 10-15 मिनट बाद चेहरा धो लें। कुछ दिनों में धाग-दब्बे और झुर्रियां मिट जाएंगी। * राई को शहद में…

ड्ढवास्तु देवता की पूजा कैसे करें

इसका भाव इस प्रकार है- हे वास्तुदेव, हम आपके सच्चे उपासक हैं, इस पर आप पूर्ण विश्वास करें और तदनंतर हमारी स्तुति-प्रार्थनाओं को सुनकर आप हम सभी उपासकों को आधि-व्याधि मुक्त कर दें और जो हम अपने धन-ऐश्वर्य की कामना करते हैं, आप उसे भी…

हाथों-पैरों के जलन की समस्‍या

हाथों-पैरों में जलन की समस्या को छोटा समझ अकसर लोग इग्नोर कर देते हैं। मगर असल में इसके कारण न सिर्फ असहनीय दर्द, बल्कि खुजली जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। कई बार तो इसके कारण चलना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि कुछ लोग…

विवाद से परे है ईश्वर का अस्तित्व

मन एक पराधीन उपकरण है - वह किसी दिशा में स्वेच्छापूर्वक दौड़ नहीं सकता। उसके दौड़ाने वाली सत्ता जिस स्थिति में रह रही होगी, चिंतन की धारा उसी दिशा में बहेगी। मन को दिशा देने वाली मूल सत्ता का नाम आत्मा है। दूसरे प्रश्न में जिज्ञासा है कि…

कालिका सहस्रनाम

-गतांक से आगे... घोर-रूपा घोर-दंष्ट्रा घोरा घोर-तरा शुभा। महा-दंष्ट्रा महा-माया सुदंती युग-दंतुरा।। 11।। सुलोचना विरूपाक्षी विशालाक्षी त्रिलोचना। शारदेंदु-प्रसन्नस्या स्पुरत स्मेराम्बुजेक्षणा।। 12।। अट्टहासा प्रफुल्लास्या स्मेर-वक्त्रा…

ताजमहल या तेजो महालय, जानिए रहस्य

शोधकर्ताओं के अनुसार आगरा से 600 किलोमीटर दूर बुरहानपुर में मुमताज की कब्र है जो आज भी ज्यों की त्यों है। बाद में उसके नाम से आगरा के ताजमहल में एक और कब्र बनी जो नकली है। बुरहानपुर से मुमताज का शव आगरा लाने का ढोंग क्यों किया गया? माना…

मन को बांधना

सद्गुरु जग्गी वासुदेव अगर आप मन के परे चले जाएं तो आप पूरी तरह से कर्मिंक बंधनों के भी परे चले जाएंगे। आप को कर्मों को सुलझाने में असल में कोई प्रयास नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि जब आप अपने कर्मों के साथ खेल रहे हैं, तो आप ऐसी चीज के…

अनेकता में एकता

बाबा हरदेव हमारी सारी इंद्रियां पांच अरब इंद्रियों का काम करती है, क्योंकि चलते वक्त पूरे समय आकाश बदलता रहता है और हमारी इंद्रियां हर बार नई-नई चीज को देखती रहती हैं। इसलिए हम अनेक रूपों का जगत में अनुभव कर रहे हैं। अब अनेकता में एकता या…

विष्णु पुराण

पौणमासी तथा ज्ञैया अमावास्या तथैव च। सिनीवाली कुहुश्चैव राकाचानुसतिस्तथा। तपस्तपस्यौ मधुमाधवौ च शुक्र शुचिश्चायनमु त्नरः स्तात। तभौनभस्यौ च इषस्तथोर्जस्तुहःसहस्याधिति दक्षिण तत। लोकालोकश्च यश्शैलः प्रायुक्तो भवतो मया। लोकपालास्तु…

सच्चाई का मार्ग

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे... वह बहुत ही धीमे-धीमे किसी एक से बात कर पाते थे। उनको पीने के लिए सिर्फ जौ का पानी ही दिया जाता था। वह भी निगलने में उन्हें काफी कठिनाई होती थी, लेकिन फिर भी इस महामानव की कृपा की कोई हद नहीं थी।…

चैतन्य आत्मा है

ओशो चैतन्य हम सभी हैं, लेकिन आत्मा का हमें कोई पता नहीं चलता। अगर चैतन्य ही आत्मा है, तो हम सभी को पता चल जाना चाहिए। हम सब चैतन्य हैं, लेकिन चैतन्य आत्मा है, इसका क्या अर्थ होगा? पहला अर्थ, इस जगत में, सिर्फ चैतन्य ही तुम्हारा अपना…

शिष्यों के प्रकार

जेन कहानियां जेन गुरु गेट्टन कहा करते थे, शिष्य तीन प्रकार के होते है, पहले वे जो दूसरों में जेन की शिक्षाओं का प्रसार करते हैं, दूसरे वे जो आश्रमों और दूसरे साज-सामान की देखभाल करते हैं और एक तीसरा प्रकार चावल के बोरों या कपड़े लटकाने…

समय पर सही दृष्टिकोण

श्रीश्री रवि शंकर गलतियां मन को घेर लेती हैं, जिसके कारण पीड़ा व ग्लानि होती है। समय-समय पर सही दृष्टिकोण के साथ घटनाओं की समीक्षा हमारे मन को उनसे मुक्ति के साथ-साथ बहुमूल्य शिक्षा भी प्रदान करती है... समय जीवन के सर्वाधिक महान रहस्यों…