वैचारिक लेख

कुलदीप नैयर लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। अमरीका के नए राष्ट्रपति के साथ अपनी पहली मुलाकात में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी ही चतुराई के साथ ट्रंप कार्ड खेला। पहले केंद्र की सत्ता में मजबूती के साथ आना और अब जिस तरह से देश के विभिन्न राज्यों में पार्टी अपने पैर पसार रही है, यह

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, सुंदरनगर, मंडी से हैं कांगड़ा कलम, चंबा रूमाल, कुल्लू शाल-टोपी में इतनी क्षमता तो है कि वे दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्र के मुखिया के भेंट की सामग्री बन गए, लेकिन प्रदेश में इनके विपणन केंद्रों, आधुनिकीकरण व प्रचार-प्रसार की कोई सुध लेने वाला नहीं है…. हिमाचली संस्कृति व सभ्यता विश्वविख्यात

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं चीन चाहता है कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा सुविधा को ही चीन के साथ अच्छे संबंधों का प्रमाण मान लिया जाए और सीमा विवाद पर भारत चीन को रियायत दे। लेकिन न तो यह 1962 है और न ही यह पंडित नेहरू की सरकार। इसके बावजूद

हरि मित्र भागी लेखक, धर्मशाला, कांगड़ा से हैं विश्व के विभिन्न देशों में कई शीर्ष कंपनियों के कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक भारतीय हैं। जहां यह हमारे लिए गर्व का विषय है, वहीं हमारे स्वाभिमान पर चोट भी तो करता है। जो चिकित्सक, वैज्ञानिक, शिक्षक, अधिकारी या अन्य कर्मचारी विदेशों में सेवाएं दे रहे हैं,

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए की तरफ से दलित उम्मीदवार के नाम की घोषणा की गई। इसके साथ यह भी दावा किया गया कि इस घोषणा का आधार महज जाति नहीं है, बल्कि उनके अनुभव और शैक्षणिक योग्यता को भी ध्यान में रखा

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं सरकारी नौकरी में लगे खिलाडि़यों को प्रशिक्षण के लिए पूरा समय देना होगा। खिलाड़ी को अभ्यास के लिए समय नहीं मिलेगा, तो उसकी प्रतिभा दम तोड़ती जाएगी। यह सरकार का भी दायित्व बनता है कि वह खिलाडि़यों के लिए सुविधाओं की व्यवस्था करे, ताकि खिलाड़ी दूसरे राज्यों की

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं देश के नागरिकों को अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए अपनी मर्जी से वोट देने का अधिकार है, लेकिन चुने गए प्रतिनिधियों को संसद अथवा विधानसभा में अपनी मर्जी से वोट देने का अधिकार नहीं है। संसद अथवा विधानसभाओं में किसी भी मुद्दे पर वोटिंग से पहले

वंदना राणा लेखिका, शिमला से हैं देवभूमि की एक नई पहचान अब सड़क हादसों के रूप में स्थापित होने लगी है। सड़कें उतनी ही रहेंगी, जितनी कि वे हैं। सड़कों पर चलते वक्त चालक कायदे-कानूनों का पालन करेंगे, तो हादसों से बचा जा सकता है। हादसों को रोकने के लिए उचित और ठोस कदम उठाने

( डा. अश्विनी महाजन लेखक, प्रोफेसर, पीजीडीएवी कालेज दिल्ली से हैं ) हाल ही तक सब विषयों में अमरीका एक नेतृत्व की भूमिका में रहा है। पेरिस संधि से बाहर आने के बाद अमरीका की इस भूमिका पर असर पड़ेगा और उसका स्थान भारत, चीन, जापान जैसे देश ले सकते हैं, क्योंकि अब ये देश