प्रताप सिंह पटियाल

लोकतंत्र के पर्व में शिकस्त व जीत का सिलसिला जारी रहेगा, मगर अहम पहलू यह है कि लोकतंत्र में लोगों का भरोसा कायम रहना चाहिए। देश की सियासत

चुनावी दौर में मतदाताओं की खामोशी तथा प्रजातंत्र की ताकत युवा वेग के चेहरे पर उदासीनता की झलक जम्हूरियत की तबीयत को नासाज कर देगी। बढ़ती जनसंख्या तथा बेरोजगारी देश में सामाजिक अस्थिरता पैदा कर सकती है...

हुक्मरानों को हिमाचल प्रदेश के सैन्य बलिदान से मुखातिब होना होगा। सशस्त्र सेनाओं में वीरभूमि के दमदार सैन्य इतिहास के मद्देनजर राज्य के सैन्य भर्ती कोटे में बढ़ोतरी होनी चाहिए। युवाओं के मुस्तकबिल से जुड़े इस मुद्दे पर सूबे की लीडरशिप को राष्ट्रीय स्तर प

कृषि प्रधान देश भारत में कृषि अर्थव्यवस्था की आधारशिला गोवंश पर तशद्दुद व दुर्दशा नदामत का सबब है। लावारिस गोवंश को आश्रय देने के लिए सरकारों को इच्छाशक्ति दिखानी होगी तथा समाज को भी योगदान देना होगा, ताकि समस्या का समाधान हो सके...

वीरभूमि हिमाचल के रणवांकुरों से सुसज्जित ‘तीन डोगरा’ बटालियन ने सन् 1971 की जंग में बांग्लादेश के महाज पर चौड़ाग्राम व काठियाचोर तथा चटगांव क्षेत्रों की लड़ाई में

अफस्पा रुखसत करने के बजाय आतंक के कारण चार दशकों से अपने ही मुल्क में शरणार्थी बनकर तर्क-ए-वतन का दंश झेल रहे कश्मीर के मूल निवासियों की सुध लेनी चाहिए। कश्मीर में टारगेट कीलिंग का सिलसिला जारी है...

छात्रों को भी अपनी प्रतिभा पर आत्मविश्वास जगाना होगा ताकि ट्यूशन व कोचिंग की जरूरत न पड़े। शिक्षा व्यवस्था का परिदृश्य बदलने वाली ट्यूशन, कोचिंग तथा निजी व विदेशी शैक्षणिक संस्थानों की तरफ छात्रों का बढ़ता क्रेज चिंतनीय है...

अंग्रेजी भाषा की हुकूमत से यदि भारतीय भाषाएं बहरों की अंजुमन में दर्द की गजल पेश करके अपने वजूद पर अश्क बहा रही हैं तो मैकाले का तस्सवुर यही था। अत: अपनी शिक्षा-संस्कृति का वजूद बचाने के लिए भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता अवश्य देनी होगी...

विश्व को ‘तमसो मां ज्योतिगर्मय’ का संदेश देने वाले भारत में शिक्षा के नाम पर प्रतिभाओं का पलायन व विदेशों में हो रही हत्याएं तथा कोचिंग सेंटरों में छात्रों द्वारा आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं। भारतीय आचार्यों की विरासत सहेजनी होगी...

बहरहाल यदि देश की सियासी व्यवस्था गुरबत का दर्द समझने वाले कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेता के सियासी आदर्शों को तसलीम करने का प्रयास करे तो यकीनन देश में आदर्शवादी सियासत की मिसाल कायम हो सकती है। कर्पूरी का सियासी कद ऊंचा रहेगा...