प्रताप सिंह पटियाल

14 मई 1948 को वजूद में आए इजराइल को भारत सरकार ने 17 मई 1950 को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दे दी थी, मगर इजराइल की सरजमीं पर भारतीय शूरवीरों ने 23 सितंबर 1918 को हाइफा को फतह करके सल्तनत, उस्मानियां की चार सौ वर्षों की हुक्मरानी का सूर्यास्त कर दिया था। इजराइल

पाक पैटन टैंकों की पेशकदमी को खेमकरण की दहलीज पर धराशायी करने वाली भारतीय सेना लाहौर को फतह करके ‘मिनार ए पाकिस्तान’ का भारत में इलहाक कर देती, लेकिन पाक हुक्मरान सलामती कौंसिल के इजलास में तशरीफ ले गए और जंगबंदी की गुहार लगाई। नतीजतन 23 सितंबर 1965 को सीजफायर का ऐलान हुआ… आज़ादी के

हॉकी के उस महान जादूगर को सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की मांग देश में एक मुद्दत से उठ रही है। युद्धभूमि से लेकर वैश्विक खेल पटल तक तिरंगा फहराने वाले सैनिकों का सम्मान होना चाहिए। खेल मंत्रालय को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा। खेल दिवस पर ध्यान चंद को राष्ट्र शत-शत

लाजिमी है आजादी दिवस पर उन क्रांतिवीरों का स्मरण किया जाए जिन्होंने अपना स्र्वोच्च बलिदान देकर बर्तानिया हुकूमत का अंजाम तय करके भारत से अंग्रेज निज़ाम को रुखसत किया था। आज़ादी के बाद हमारे राजाओं ने लोकतंत्र की बहाली के लिए अपनी रियासतों का भारत में विलय किया था। राजाओं के उस त्याग को याद

बहरहाल आज़ाद भारत को सबसे बड़ी सौगात ‘भाखड़ा बांध’ देने वाला बिलासपुर फिर से गुलजार हो चुका है, मगर विस्थापन से उपजे गहरे जख्मों का दर्द बाकी है। देशहित में त्याग की नजीर पेश करने वाले लोगों की कद्र का मिजाज पैदा होना चाहिए। पुनर्वास के लिए ठोस नीति बननी चाहिए… कहलूर रियासत यानी वर्तमान

कारगिल साजिश का पर्दाफाश करके शहादत देने वाले कै. सौरभ कालिया व उनके साथियों की हत्या के इंतकाम का अज्म बरकरार है। उन शूरवीरों को न्याय का विकल्प सैन्य कार्रवाई से उसी अंदाज में होना चाहिए। कारगिल विजय दिवस पर देश अपने जांबाजों को शत्-शत् नमन करता है… इतिहास साक्षी रहा है कि शूरवीरता के

हिमाचल के लाखों युवा रोजगार की तलाश में राज्य से पलायन कर रहे हैं। प्रदेश में प्रवासियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में अवैध शराब की तिजारत, मर्डर, डकैती व बलात्कार जैसी वारदातों से क्राइम रेट का ग्राफ बढ़ रहा है। महानगरों में फैलने वाली नशे की महामारी देवभूमि के गांवों

चीन ने सन् 1962 में भारत पर हमला करके अपना असली चरित्र दिखा दिया था। देश की सरहदों पर चीन व पाक जैसे देशों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना के तीनों अंगों का युवा जोश व तकनीकशुदा अचूक मारक क्षमता वाले हथियारों से लैस होना जरूरी है… ‘जीत के बाद तिरंगा लहराकर

देश में आयुर्वेद के कई संस्थान हैं जहां कई विदेशी लोग अपना इलाज करवाते हैं। बहरहाल अनादिकाल से दुनिया को मेडिटेशन से लेकर मेडिसिन तक का अद्भुत ज्ञान देने वाले ऋषियों के देश भारत में मेडिकल के छात्रों को ‘महर्षि चरक शपथ’ लेना गर्व का विषय होना चाहिए… भारत में सन् 1991 से प्रतिवर्ष एक

विश्वभर के वैज्ञानिक हमारे आचार्यों द्वारा रचित ग्रंथों का अध्ययन करके शोध करते आए हैं। मौजूदा दौर में शारीरिक व मानसिक समस्याओं का कारण भौतिक सुख-सुविधाएं व आधुनिक जीवनशैली है। अतः सकारात्मक ऊर्जा का संचार तथा फिटनेस का माध्यम केवल योग है… सृष्टि की शुरुआत से ही सांस्कृतिक धरातल व कई सभ्यताओं की जन्मस्थली रहे