तिब्बत में छिपा है तंत्र ज्ञान

वह एक गलियारे का दरवाजा था। गलियारे के अंत में सीढि़यों पर धीमा-धीमा प्रकाश था और उनके पीछे मैं भी था। सीढि़यां चढ़कर ऊपर आते ही हरियाली-भरा एक छोटा-सा मैदान दिखाई दिया। वह चारों ओर से काफी लंबी चट्टानों से घिरा हुआ था। लामा गुरु छेरिंग…

दयालु नन्हीं लड़की की कहानी

लड़की मुंह से कुछ नहीं बोली। केवल बालक की ओर प्यार से मीठी-सी मुस्कुराहट के साथ देखकर आगे बढ़ गई। वह सिर झुकाकर कुछ सोचती चलती रही। आगे जंगल में नन्हीं लड़की को एक बालिका ठंड से कंपकंपाती हुई मिली, जैसे भाग्य उसकी परीक्षा लेने पर तुला था।…

विवाद से परे है ईश्वर का अस्तित्व

इन सूक्ष्म अवयवों में हारमोनों का स्थान अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है। उनकी सक्रियता-निष्क्रियता का हमारी शारीरिक एवं मानसिक स्थितियों पर भारी प्रभाव पड़ता है। शरीर की आकृति कैसी भी हो, उसकी प्रकृति का निर्माण तो मुख्यतः इन हारमोन रसों से ही…

संबंधों के रहस्य

श्रीश्री रवि शंकर मानसिक संवाद विचारों एवं शब्दों के जरिये होता है,परंतु दिलों की बातचीत भावनाओं के द्वारा होती है। लोगों ने युगों से सदैव महसूस किया है कि वे अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त नहीं कर सकते। यदि हम अपनी भावनाओं को शब्दों द्वारा कह…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

इस योजना के तहत यह बात फैला दी गई कि ‘अश्वत्थामा मारा गया’। जब गुरु द्रोणाचार्य ने धर्मराज युधिष्ठिर से अश्वत्थामा की सत्यता जानना चाही तो उन्होंने जवाब दिया, ‘अश्वत्थामा मारा गया परंतु हाथी’- परंतु उन्होंने बड़े धीरे स्वर में ‘परंतु हाथी’…

आत्मा की परिपूर्णता

श्रीराम शर्मा आत्मा की परिपूर्णता प्राप्त कर परमात्मा में प्रतिष्ठित होने के दो मार्ग हैं। एक प्रयत्न पूर्वक प्राप्त करना और दूसरा अपने आपको सौंप देना। प्रथम मार्ग में विभिन्न साधनाएं करनी पड़ती हैं, चिंतन, मनन, ज्ञान के द्वारा विभिन्न…

मनमाने आचरण से सिद्धि नहीं मिलती

विशेष : जो तंत्र साधक शास्त्र-विधि का त्याग करके मनमाना आचरण करता है, वह न तो सिद्धि प्राप्त करता है, न सुख को और न ही परम गति को प्राप्त होता है। अतएव साधक शास्त्र के निर्देशानुसार ही इस स्तोत्र का पाठ करके उन अवस्थाओं को पहुंचें जो…

व्रत एवं त्योहार

2 फरवरी रविवार, माघ, शुक्लपक्ष, अष्टमी, भीष्माष्टमी 3 फरवरी सोमवार, माघ, शुक्लपक्ष, नवमी 4 फरवरी मंगलवार, माघ, शुक्लपक्ष, दशमी 5 फरवरी बुधवार, माघ, शुक्लपक्ष, एकादशी, जया एकादशी व्रत 6 फरवरी बृहस्पतिवार, माघ, शुक्लपक्ष, द्वादशी,…

सबको स्वीकार करें

सद्गुरु जग्गी वासुदेव आज जो कीचड़ है, वही कल फूल बन सकता है, आज जो गंदगी है, वह कल फल बन सकती है, आज जो दुर्गंध है, वह कल सुगंध में बदल सकती है। अगर हम आपके निर्णय से चलें और सारी गंदगी को बाहर कर दें, तो आपके हिस्से में ना कभी फूल…

क्‍या है कोरोना वायरस

इन दिनों कोरोना वायरस मेडिकल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वायरस के फैलने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ी हुई है। कोरोना वायरस का प्रकोप पहले तो चीन में ही देखने को मिल रहा था, लेकिन अब भारत में…

कैसे करें बचाव निमोनिया से

इस संक्रमण में एक या दोनों फेफड़ों के वायु के थैलों में द्रव या मवाद भर जाता है और सूजन आ जाती है, जिससे बलगम या मवाद वाली खांसी, बुखार, ठंड लगने और सांस लेने में तकलीफ होने जैसी समस्या हो सकती है... निमोनिया को लोग आमतौर पर…

दादी मां के नुस्‍खे

* आंखों की थकान दूर करने के लिए गुलाबजल में रुई भिगोकर आंखों पर रखनी चाहिए। * आंखों के नीचे काले घेरों को दूर करने के लिए बादाम के तेल से मसाज करनी चाहिए। * त्वचा को मुलायम व चमकदार बनाने के लिए एक चम्मच शहद में…

गीता रहस्य

स्वामी रामस्वरूप श्रीकृष्ण महाराज ने यहां स्पष्टतः ईश्वर को त्यागकर अन्य देवों की पूजा न करने का आह्वान किया है। हम वेदों के अध्ययन द्वारा उस निराकार परमेश्वर के स्वरूप, गुण, कर्म, स्वभाव को जानने का संकल्प लें। तभी हमें सत्य का बोध…

दिल के रोगों के बढ़ने के कारण

ये कहावत बहुत पुरानी है कि मौत बहाना ढूंढती है। कई बार बाहर से स्वस्थ लगने वाला व्यक्ति अचानक से बीमार पड़ता है और जांच कराने पर किसी गंभीर बीमारी का शिकार मिलता है। ऐसी घटनाएं हमारे आसपास अकसर घटती हैं और लोग इसे कर्म फल या परमात्मा की…

विष्णु पुराण

स्वगर् प्राप्ति रूप फल वाले यज्ञादिक कर्म भी श्रेय है,परंतु प्रमुख श्रेय तो कर्म के फल की कामना न करने में है। इसलिए हे राजन! योगी पुरुष को प्रकृति आदि से पर आत्मा का ही चिंतन करना चाहिए,क्योंकि उसी का संयोग रूप श्रेय यथार्थ श्रेय है।…