तरक्की को कुदरत के सीने पर खंजर

चंडीगढ़ की तर्ज पर बसाए गए बिलासपुर शहर में सीवरेज सुविधा 60 के दशक में ही उपलब्ध हो गई थी। डियारा, रौड़ा, चंगर, निहाल, कोसरियां सेक्टरों के नाम से बसे इस शहर के हर घर को आगे व पीछे दोनों ओर से सड़क सुविधा मिली। बिजली व पानी की सुविधा से…

अब जेपी नड्डा से राहत की आस

राजनीतिक उपेक्षा का दंश झेल रहे बिलासपुर के लोगों में अब केवल जेपी नड्डा के केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री बनने से हर्ष व उल्लास देखने को मिल रहा है। श्री नड्डा से ही लोगों को सुखद भविष्य की आस बंधी है। राजनीतिक उपलब्धियों की बात की जाए तो…

नई पॉलिसी जख्मों पर नमक

अब तक पहुंचे 1051 आवेदनों में 381 पहले ही चरण में रिजेक्ट भाखड़ा विस्थापितों द्वारा शहर में मजबूरीवश किए गए अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए सरकार ने पॉलिसी तो बना दी है, लेकिन यह पॉलिसी भी उनके जख्म पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। शहर…

हमीरपुर अब तक

शिक्षा के शिखर पर, सियासत के सफर में सबसे आगे हमीरपुर जिला ने तरक्की के कई रूप देखे। आकार में सबसे छोटा होने पर भी बड़े-बड़े तमगे इस जिले की छाती पर लगे। सियासत के रण में जहां नारायण चंद पराशर, ठाकुर जगदेव चंद, प्रेम कुमार धूमल और अनुराग…

कुल्लू क्या खोया क्या पाया

अनूठी परंपराओं और देव आस्था का प्रतीक कुल्लू विश्व में खूबसूरत पहचान बनाए हुए है। सेब और पर्यटन के दम पर 1883 से तरक्की के लंबे डग भरते हुए यह जिला ऊर्जा क्षेत्र में भी कहीं आगे है। सबको अपनी सुंदरता से रिझाने वाला यह जिला अब नए पर्यटन…

नरेंद्र मोदी जेपी नड्डा से विकास की उम्मीदें जवां

विकास को रफ्तार मिलने की बाट जोह रहे कुल्लूवासी कवि हृदय अटल के दूसरे घर कुल्लू की कायाकल्प को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ी उम्मीदें पाले हुए हैं। कुल्लू में नए घर गंगा निवास में शिफ्ट हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के…

तरक्की के लिए पर्यावरण का बलिदान

कुल्लू के विकास की कहानी 1883 से शुरू होती है। यहां पर बाकायदा पोस्ट आफिस था और बंजार के पलाच और नग्गर में इसकी शाखाएं संचालित होने लगीं। सेब के किल्टों के जरिए डाक का आबंटन होता था। 1897 में कुल्लू और अमृतसर के बीच टेलीग्राम सेवा का आगाज…

जिलावासियों में खुशी की झलक नहीं

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में एक ठहराव सा महसूस किए जाने की वजह से कु ल्लूवासियों में कहीं उल्लास नहीं झलक रहा। राजनीतिक उपलब्धियों की जहां तक बात है देश के पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कुल्लू घाटी के प्रवास पर आकर…

पुराने लोग नए शहर

हिमाचल में शहरी विकास तो हो रहा है, पर यह कंकरीट की इमारतें खड़ी करने तक ही सीमित है। न तो पार्किंग के लिए जगह है और न ही कूड़ा-कर्कट ठिकाने लगाने के प्रबंध। सरकारें व्यवस्थित शहर बसाने की योजनाएं तो बनाती हैं, पर कामयाब नहीं होतीं।…

एक इंच नहीं बढ़ा पालमपुर नगर परिषद का दायरा

नगर परिषद पालमपुर के गठन को छह दशक से अधिक का समय हो गया है, लेकिन आज तक नगर परिषद क्षेत्र में एक इंच का इजाफा नहीं किया जा सका है। प्रदेश की सबसे पुरानी नगर परिषदों में शुमार पालमपुर नप की स्थापना आजादी के पांच वर्ष बाद ही कर दी गई थी।…

हिमाचल में व्यवस्थित शहर बनेंगे लोगों को हर सहूलियत मिलेगी

( सुधीर शर्मा शहरी विकास मंत्री ) टीसीपी की योजनाओं व कड़े नियमों के बावजूद हिमाचल के पर्यटन क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण क्यों? सुधीर : हिमाचल में प्लानिंग एरिया तो बने हैं, वर्ष 1977 से टीसीपी एक्ट भी था, इसे जरूर कहीं न कहीं लागू…

4 सबसे बड़ी खामियां

* पार्किंग  पार्किंग के अभाव में लोग शहरों में इधर-उधर अस्त-व्यस्त पार्किंग करते हैं, जो दुर्घटनाओं को बुलावा देते हैं। * कूड़ा-कचरा प्रबंधन कूड़े-कचरे का सही प्रबंध न होने से शहरों के सौंदर्यीकरण पर ग्रहण लग रहा है। * वन…

संशोधित टीसीपी एक्ट में कमजोर वर्ग को राहत

हिमाचल में नगर एवं ग्रामीण नियोजन (संशोधित अधिनियम-2013) लागू है। अपार्टमेंट एक्ट 2005 को भी इसी में शामिल करते हुए यह सिंगल एक्ट लागू कर दिया गया है। इसको लागू करने से पहले आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद ही इसे अधिसूचित…

पुराने शहर नए लोग

शहरों की चमक-दमक और आधुनिकता का गांववासियों पर ऐसा रंग चढ़ा कि वे शहरी बनने को लालायित हो उठे। इस लालसा ने शहर के साथ लगते गांवों या क्षेत्रों को अपनी तरफ खींच लिया और शहरों का दायरा बढ़ा दिया। अब ग्रामीण तो शहरी हो गए, लेकिन जब साडा,…

सोलन में पार्किंग न के बराबर

माता शूलिनी के नाम पर बसा सोलन शहर 70 के दशक में एक छोटा सा  गांव था,  लेकिन  प्रदेश की राजधानी शिमला और  चंडीगढ़ के समीप  होने की वजह से इस गांव का तेजी से विकास हुआ और  आज यह  शहर प्रदेश के सबसे अधिक बड़े  शहरों में शुमार है। तीन लाख से…