सिरमौर क्या खोया क्या पाया

प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डा. वाईएस परमार का गृह जिला जहां खेल जगत, अदरक और पुष्प उत्पादन के साथ स्वच्छता में सिरमौर है, वहीं विकास के पिछड़ेपन में भी सबको पछाड़ता है। रियासतकाल में उत्तरी भारत में मिसाल रहा यह क्षेत्र भगवान परशुराम,…

ऊना

क्‍या खोया क्‍या पाया युग-युगांतरों से देवभूमि के रूप में विख्यात ऊना जिला धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे हुए है, वहीं स्वां की लहरों को बांध कृषि व बागबानी में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। इन्हीं के दम पर निरंतर तरक्की की राह पर…

प्रदेश की सियासत में ऊना की अहमियत

भाजपा-कांग्रेस में होती है सीधी टक्कर जिला सदैव प्रदेश की राजनीति की धुरी रहा है। मौजूदा समय में जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में युवा नेतृत्व ने मजबूती से अपनी पकड़ कायम की है। जिला में भाजपा व कांग्रेस के मध्य सभी पांचों सीटों पर…

बिलासपुर क्या खोया क्या पाया

अपनी दुनिया उजाड़ दूसरों को रोशन करने वाला बिलासपुर भाखड़ा बांध के जरिए विश्व पटल पर तो आया, पर अतीत के पन्ने हर पल उजड़ी दास्तां सुनाते रहे। विस्थापन का दर्द जहां हर पल आंसू बनकर निकला, वहीं कोरी घोषणाएं जनता के जख्म कुरेदती रहीं। जब भी…

गोबिंदसागर में खो गए प्राचीन मंदिर

बिलासपुर ने राष्ट्रहित में साठ के दशक में भाखड़ा बांध के निर्माण में अपनी संस्कृति का बलिदान देने का गौरव भी इतिहास के पन्नों में दर्ज करवाया है। भाखड़ा बांध के निर्माण के बाद अस्तित्व में आई गोबिंदसागर झील में राजा दीप चंद द्वारा बसाया गया…

तरक्की को कुदरत के सीने पर खंजर

चंडीगढ़ की तर्ज पर बसाए गए बिलासपुर शहर में सीवरेज सुविधा 60 के दशक में ही उपलब्ध हो गई थी। डियारा, रौड़ा, चंगर, निहाल, कोसरियां सेक्टरों के नाम से बसे इस शहर के हर घर को आगे व पीछे दोनों ओर से सड़क सुविधा मिली। बिजली व पानी की सुविधा से…

अब जेपी नड्डा से राहत की आस

राजनीतिक उपेक्षा का दंश झेल रहे बिलासपुर के लोगों में अब केवल जेपी नड्डा के केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री बनने से हर्ष व उल्लास देखने को मिल रहा है। श्री नड्डा से ही लोगों को सुखद भविष्य की आस बंधी है। राजनीतिक उपलब्धियों की बात की जाए तो…

नई पॉलिसी जख्मों पर नमक

अब तक पहुंचे 1051 आवेदनों में 381 पहले ही चरण में रिजेक्ट भाखड़ा विस्थापितों द्वारा शहर में मजबूरीवश किए गए अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए सरकार ने पॉलिसी तो बना दी है, लेकिन यह पॉलिसी भी उनके जख्म पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। शहर…

हमीरपुर अब तक

शिक्षा के शिखर पर, सियासत के सफर में सबसे आगे हमीरपुर जिला ने तरक्की के कई रूप देखे। आकार में सबसे छोटा होने पर भी बड़े-बड़े तमगे इस जिले की छाती पर लगे। सियासत के रण में जहां नारायण चंद पराशर, ठाकुर जगदेव चंद, प्रेम कुमार धूमल और अनुराग…

कुल्लू क्या खोया क्या पाया

अनूठी परंपराओं और देव आस्था का प्रतीक कुल्लू विश्व में खूबसूरत पहचान बनाए हुए है। सेब और पर्यटन के दम पर 1883 से तरक्की के लंबे डग भरते हुए यह जिला ऊर्जा क्षेत्र में भी कहीं आगे है। सबको अपनी सुंदरता से रिझाने वाला यह जिला अब नए पर्यटन…

नरेंद्र मोदी जेपी नड्डा से विकास की उम्मीदें जवां

विकास को रफ्तार मिलने की बाट जोह रहे कुल्लूवासी कवि हृदय अटल के दूसरे घर कुल्लू की कायाकल्प को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ी उम्मीदें पाले हुए हैं। कुल्लू में नए घर गंगा निवास में शिफ्ट हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के…

तरक्की के लिए पर्यावरण का बलिदान

कुल्लू के विकास की कहानी 1883 से शुरू होती है। यहां पर बाकायदा पोस्ट आफिस था और बंजार के पलाच और नग्गर में इसकी शाखाएं संचालित होने लगीं। सेब के किल्टों के जरिए डाक का आबंटन होता था। 1897 में कुल्लू और अमृतसर के बीच टेलीग्राम सेवा का आगाज…

जिलावासियों में खुशी की झलक नहीं

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में एक ठहराव सा महसूस किए जाने की वजह से कु ल्लूवासियों में कहीं उल्लास नहीं झलक रहा। राजनीतिक उपलब्धियों की जहां तक बात है देश के पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कुल्लू घाटी के प्रवास पर आकर…

पुराने लोग नए शहर

हिमाचल में शहरी विकास तो हो रहा है, पर यह कंकरीट की इमारतें खड़ी करने तक ही सीमित है। न तो पार्किंग के लिए जगह है और न ही कूड़ा-कर्कट ठिकाने लगाने के प्रबंध। सरकारें व्यवस्थित शहर बसाने की योजनाएं तो बनाती हैं, पर कामयाब नहीं होतीं।…

एक इंच नहीं बढ़ा पालमपुर नगर परिषद का दायरा

नगर परिषद पालमपुर के गठन को छह दशक से अधिक का समय हो गया है, लेकिन आज तक नगर परिषद क्षेत्र में एक इंच का इजाफा नहीं किया जा सका है। प्रदेश की सबसे पुरानी नगर परिषदों में शुमार पालमपुर नप की स्थापना आजादी के पांच वर्ष बाद ही कर दी गई थी।…