अनिद्रा ने छीना चैन

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार एक तरफ महंगाई का तांडव है, दूसरी तरफ मांगों का सिलसिला। लोग तनाव में जी रहे हैं और इसका दुष्प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। तनावग्रस्त व्यक्ति खुद पर काबू नहीं रख पाता और किसी ऐसी जगह…

सच बोलने वाली सरकार चाहिए

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सत्या नडेला भारतीय मूल के हैं। वे अमरीका में रह रहे हैं और उन्हें माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनी का सीईओ बनने का अवसर मिला। वह यह कहना चाह रहे हैं कि अन्य देशों के लोग यदि भारत में आएं तो…

अर्थव्यवस्था की चुनौतियां

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार मोदी की कल्पनाशीलता और वाक्पटुता का आलम यह है कि विपक्षी दलों को कुछ भी सूझता ही नहीं और मोदी विकेट पर विकेट लिए जा रहे हैं या रन पर रन बनाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों के विकेट गिर रहे हैं और मोदी रन लेते…

नया साल, कई सवाल

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार आज हमारे सामने कई चुनौतियां दरपेश हैं। समाज में विषमता बढ़ती जा रही है और अब यह केवल एक स्थान पर आर्थिक विषमता तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि भौगोलिक रूप से भी यह एक नई समस्या के रूप में उभर रही है जिस पर…

खुशियों का खजाना

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार मानसिक तनाव और गुस्सा बहुत बड़ी बीमारियां हैं और हमारे समाज का एक बड़ा हिस्सा तनावपूर्ण जीवन जीते हुए बीमार होता चल रहा है। तब मैंने इसके इलाज के लिए कुछ करने की ठान ली और परिणामस्वरूप मैंने ‘दि हैपी…

‘असंगठित’ उद्योग की महत्ता

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार युवाओं की बड़ी आबादी का मतलब है कि छोटे से छोटे अवसर के लिए भी युवाओं की बड़ी संख्या उस अवसर का लाभ उठाने की जुगत कर रही होगी। नौकरी की तो बात ही छोडि़ए, फीस देकर पढ़ाई करने वालों में भी ऐसी गलाकाट…

व्यवस्था की असफलता का जश्न

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार हम उस नपुंसक समाज में जी रहे हैं जहां पुरुष किशोरावस्था से लेकर कब्र में जाने तक महिलाओं के वक्षस्थल की कल्पना में डूबा रहता है, और सिर्फ तभी चिंतित होता है जब वह किसी कन्या का बाप, नाना या दादा…

मनमोहन, भीष्म और हम

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सन् 1998 में कांग्रेस केंद्र की सत्ता से बाहर हुई तो कांग्रेस का हाल बेहाल था। कांग्रेस के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष सीताराम केसरी कांग्रेस को संभाल पाने में असमर्थ हुए तो एक दिन सोनिया गांधी ने कांग्रेस…

कानून की पतली गलियां

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार देवेंद्र फड़नवीस से पहले ऐसे कई नेता हुए हैं जो कि बहुत ही कम समय के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे रह सके। इनमें जगदंबिका पाल की बात करें तो 1998 में उत्तर प्रदेश में राज्यपाल रोमेश भंडारी ने कल्याण…

अर्थव्यवस्था में संशय

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार एक समय ऐसा था जब भाजपा की आंतरिक रस्साकशी के चलते उन्हें गुजरात से दूर कर दिया गया था, लेकिन केशुभाई पटेल के मुख्यमंत्रित्व काल में जब गुजरात के हालात बिगड़े तो भाजपा हाईकमान ने उन्हें स्थिति संभालने के…

जनता को समाधान चाहिए

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार हम यह भूल जाते हैं कि हमारी भैंस तो दरअसल हमारे जीवन से जुड़े रोजमर्रा के सवाल हैं। यानी, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य , महिला सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, पीने योग्य…

समता, ममता और महिलाएं

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार ‘राष्ट्रीय एकल नारी अधिकार मंच’ नामक इस संगठन की सदस्या महिलाओं में विधवाएं, परित्यक्ताएं, तलाकशुदा महिलाएं व ऐसी अविवाहित महिलाएं शामिल हैं जो अपने परिवार और समाज से उपेक्षापूर्ण व्यवहार का दंश झेल रही…

कैसे पाएं मनचाही सफलता

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सफलता की कामना सब करते हैं पर ज्यादातर लोग कामना तक ही सीमित रहते हैं, वे सफल होना चाहते हैं पर सफलता के लिए कुछ करने को तैयार नहीं हैं। वे चाहते हैं कि सफलता किसी लॉटरी की तरह खुद ही उनकी झोली में आ…

सही दिशा में नहीं जा रहा देश

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सरकार की ओर से एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स का विस्तार करके इसे देश भर में लागू करने की योजना है, इसी तरह नागरिकता संशोधन विधेयक और एक सामान्य सिविल कोड भी लाया जाएगा, इसके अलावा सर्वोच्च…

सेहत, सफलता और खुशी

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार आज हम सचमुच प्रकाश से वंचित हैं और ऐसा हमने खुद जानबूझ कर किया है। हमारे भवन ऐसे बनने लगे हैं जहां सूर्य का सीधा प्रकाश नहीं आता, आता भी है तो उसे हम मोटे-मोटे परदे लगाकर बाहर रोक देते हैं और कृत्रिम…