himachal pradesh news, himachal pradesh top stories, himachal pradesh tourism

भाषा और पर्यावरण

अनुपम मिश्र समय-समय पर प्रतिबिंब में भी प्रकाशित होते रहे। उनकी पहचान तो पर्यावरविद के रूप में होती है लेकिन भाषा और व्यवस्था की भी उनकी एक साफ समझ थी। सभी विकृतियों को छूते हुए भी उनकी भाषा साफ बनी रहती, सहजता से प्रवाहित होती रहती। उनकी…

कविताएं

लाल गुलाबी खुश हैं लेकिन गम के मारे हरे-हरे हैं नोटों की अदला-बदली से स्वयं नोट भी डरे-डरे हैं नहीं अभी तक पता किसी को खोटे कौन व कौन खरे हैं, एक हाथ से वे जाते हैं और दूसरे से आते आपस में बतिया नहीं सकते मानो भय से मौन धरे हैं। मुखड़े उनके…

वाद्य यंत्रों से संरक्षित रह पाएगा हिमाचली संगीत

यही नहीं, कुल्लू दशहरा के ‘प्राइड ऑफ  कुल्लू’ कार्यक्रम जिसमें हजारों औरतें एक साथ नृत्य करती हैं, उसमें सौ फीसदी हिमाचली लोक वाद्य यंत्र ही बजाए जाते हैं। राठी भी मानते है वर्तमान में लोक वाद्य यंत्र अधिकतर देव कार्यों में ही बजाए जाते…

वाद्य यंत्रों से संरक्षित रह पाएगा हिमाचली संगीत

कर्मचन्द कहते हैं कि उनके पास कुल्लू के अलावा शिमला, लाहुल-स्पीति, चंबा व मंडी के क्षेत्रों से भी वाद्य यंत्र बनाने के आर्डर आते हैं। ये करनाली, नरसिंघा, ढोल व नगाड़े तो बनाते ही हैं, साथ ही देवताओं के मोहरे बनाने में भी सिद्धहस्त हैं।…

हिमाचल के भाषायी वैविध्य में एकता

काल के हिसाब से गणना की जाए तो पहाड़ी भाषा (हिमाचली) की विकास यात्रा का इतिहास बेहद पुराना नजर आता है। लोक काव्य में वार्णिक तथा मात्रिक छंदों के प्रयोग भी देखे जा सकते हैं। इन्हें लोक भाषा में वैदिक तथा लौकिक संस्कृत में प्रयुक्त छंद विधान…

बनारसी दास चतुर्वेदी

बनारसी दास चतुर्वेदी प्रसिद्ध पत्रकार और साहित्यकार थे। शहीदों की स्मृति में साहित्य प्रकाशन के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए। उनकी गणना अग्रगण्य पत्रकारों और साहित्यकारों में की जाती है।  हिंदी साहित्य के प्रति अनुराग और लेखक की अभिरुचि…

करतब

बस चलने को तैयार खड़ी थी। लेकिन लोग नटों के करतब देखने में तल्लीन थे। तीन बंजारे नट लोगों का मनोरंजन कर रहे थे । दो लड़के, एक लड़की । उन्हें लड़का, लड़की कहना ही उचित होगा । क्योंकि उनकी उम्र तेरह से अठारह के बीच की लग रही थी। किसी भी…

कौन क्या-क्या खाता है ?

नोटबंदी के कारण भ्रष्टाचार का मुद्दा फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना गया है। जितने मुंह, उतने तरह के भ्रष्टाचार की चर्चा। अरसा पहले काका हाथरसी ने खाने-पीने के विविध तरीकों पर चुटीली कविता लिखी थी। प्रकारांतर से यह कविता भ्रष्टाचार के…

अपनी-अपनी लौहलां

5 दिसंबर, 2016 को  साहित्यिक परिशिष्ट ‘प्रतिबिंब’  में ‘लाहुलां की कथा’ प्रकाशित हुई थी।  यह लोक कथा अब भी लोकमानस में कितनी गहराई तक बैठी है, इसका अंदाजा मिलने वाली अनेकों प्रतिक्रियाओं से लगा। इस लगभग विस्मृत हो चुकी लोक कथा के प्रकाशन पर…

हिमाचल के भाषायी वैविध्य में एकता

पहाड़ी भाषा संस्कृत तथा पाली से प्रभावित नजर आती है। हिमाचल प्रदेश में प्राचीन काल से नाग, असुर, खश, गंधर्व, कुणिंद, किन्नर, किरात आदि जनजातियां निवास करती रही हैं। इनकी संस्कृति तथा भाषाओं के अवशेष, वर्तमान संस्कृति की विभिन्न भंगिमाएं…

यशपाल जयंती का भव्य समारोह संपन्न

हिंदी साहित्य के मूर्धन्य हस्ताक्षर, क्रांतिकारी साहित्यकार यशपाल का जयंती समारोह हमीरपुर में उनके पैतृक गांव खखड़ में दिनांक 2 तथा 3 दिसंबर को हर्षोल्लास से संपन्न हुआ। इस समारोह का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश शिमला द्वारा…

वाद्य यंत्रों से संरक्षित रह पाएगा हिमाचली संगीत

पहाड़ी नाटियों में आज के लोकगायक धड़ल्ले से लोक वाद्य यंत्रों को ताक पर रखकर आक्टोपैड, की-पैड और दूसरे पाश्चात्य वाद्य यंत्रों को अहमियत दे रहे हैं। इतिहास गवाह है आज वही वाद्य यंत्र हमारे बीच में हैं जिनका हमने उपयोग किया है। अंग्रेजी में…

कविताएं

दूध की नदियां ... ऊपर आसमान और नीचे जमीं है। प्यार ही प्यार बरसता यहीं है। कश्मीर से कन्या कुमारी तक स्वर्ग कहीं है तो यहीं है, यहीं है। खेत-खलिहानों में पलता है जीवन, जान से बढ़कर होता है पशुधन, दूध की नदियां बहें दिन-रात, अमन-शांति की…

साहित्यिक सेवानिवृत्ति का निर्वात

डा.अनीता शर्मा को यह श्रेय जाता है कि उन्होंने कई लोगों के बीच छुपा बैठा साहित्यकार व कलाकार उजागर किया। सभी को मंच प्रदान किया। पीठ थपथपाई और कई प्रतिभाएं उभर कर सामने आईं। प्रकाश शर्मा जैसे लोक गायक की, उन्होंने मदद की। वयोवृद्ध कलाकारों…

बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’

हिंदी साहित्य के अग्रणी कवियों में से एक पंडित बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ का जन्म 8 दिसंबर, 1897 ई. को ग्वालियर राज्य के भयाना नामक ग्राम में हुआ था। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, श्रीमती एनी बेसेंट एवं श्री गणेशशंकर विद्यार्थी के संपर्क में आने के…
?>