प्रो. सुरेश शर्मा ,लेखक नगरोटा बगवां से हैं

कर्मचारियों को शांत होकर, दबाव रहित अपने कार्यों को कुशलतापूर्वक करना चाहिए। इसके साथ ही वे पूरी नींद लें, संगीत सुनें, ध्यान लगाएं, व्यायाम करें, परिवार तथा समाज के लोगों से मिलें-जुलें, परिजनों सहित घूमने निकलें तथा सभी से बतियाना भी बहुत आवश्यक है। इससे चिंताएं तथा परेशानियां दूर होती हैं… वर्तमान समय में कार्यस्थलों

यह सत्य है कि संवैधानिक रूप से हिंदी भारतवर्ष की प्रथम राजभाषा है। यह भी ठीक है कि यह भाषा देश में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। हिंदी की अपनी अलग खूबियां तथा विशेषताएं हैं। संसार की सभी उन्नत भाषाओं में हिंदी सबसे अधिक व्यवस्थित भाषा है। यह सबसे सरल तथा

शिक्षकों को अपने अमूल्य व्यवसाय पर गौरवान्वित महसूस करना चाहिए। शिक्षक दिवस शिक्षा की ज्योति को निरंतर प्रकाशित करने का संकल्प दिवस होता है। शिक्षकों को कर्मठता, ईमानदारी तथा समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लेकर महान गुरुओं की परंपरा को अपने व्यवहार तथा कार्यों से श्रेष्ठता के शिखर पर स्थापित करने का प्रयास

प्रदेश के लोगों को अपरिचित लोगों के संभावित तथा अप्रत्याशित व्यवहार से सचेत रहना चाहिए तथा प्रदेश सरकार द्वारा भी उनकी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। प्रदेश के भीतर किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर इस तरह की खुली छूट नहीं दी जा सकती। ऐसे असभ्य तथा अमर्यादित आचरण से

इस व्यवस्था को चलाने के लिए अनेकों परिश्रमी, ईमानदार, समर्पित तथा कर्मठ अध्यापक निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं जिन्हें ढूंढने की आवश्यकता है। शिक्षक के गौरव तथा आत्मसम्मान से विपरीत ऐसे असंवेदनशील वक्तव्य उसकी आत्मा को चीर कर छलनी कर देते हैं। साथ ही शिक्षक भी आत्मचिंतन व आत्म-विश्लेषण करें… यह सत्य

यह संयोग ही है कि 21 जून को ही विश्व संगीत दिवस तथा विश्व योग दिवस मनाया जाता है। योग एवं संगीत वास्तव में जीवन की अमूल्य निधियां हैं… सांगीतिक एवं योगिक क्रियाएं मनुष्य में आंतरिक एवं बाह्य शक्तियों को विकसित करती हैं। जीवन में यदि किसी वस्तु का मनुष्य के ऊपर सकारात्मक प्रभाव है

ई-पीटीएम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ उपरोक्त प्रश्नों पर भी विचार करने तथा सरकार एवं विभागीय स्तर पर संवेदनशील होकर समाधान करने की आवश्यकता है… वैश्विक संचार क्रांति ने वर्तमान जीवन की परिभाषा ही बदल कर रख दी है। संचार का तात्पर्य ही भाव, विचार, जानकारी, ज्ञान तथा

विद्यार्थियों को इस नकारात्मक परिवेश में  सहयोग देकर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। अभिभावकों को इस समय अध्यापकों की भूमिका में आकर बच्चों का मार्गदर्शन कर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है… जीवन बचाने के संघर्ष में सामान्य परिस्थितियों की प्राथमिकताएं पीछे छूट गई हैं। लगभग डेढ़ वर्ष से वैश्विक कोरोना महामारी से जूझते हुए

उनकी आवाज़ के विशेष लगाव एवं आवाज़ गुणधर्म के कारण कई युवा गायक छाया प्रति की तरह उनका अनुकरण करते हैं। उनकी आवाज़ में एक आम जनमानस की वेदना तथा हृदय की पुकार है। वृद्धों, पुरुषों, स्त्रियों एवं युवाओं के दिल पर यह आवाज़ वर्षों से राज करती रही है… लोकसंगीत से हिमाचली संस्कृति को

वर्तमान स्थिति में सभी को अपना मानसिक, मनोवैज्ञानिक, संवेगात्मक, आर्थिक तथा सामाजिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है… किसे पता था कि कोरोना जैसा दानव दुनियां के लोगों की हंसती-खेलती जि़ंदगी में एक तूफान सा पैदा कर देगा। क्या ख़बर थी कि यह महामारी लाखों लोगों को मौत का ग्रास बना लेगी। किसी को भी