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कर्म सिंह ठाकुर

महज एक दिन काफी नहीं

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, मंडी से हैं मनुष्य तथा पर्यावरण दोनों परस्पर एक-दूसरे के इतने संबंधित हैं कि उन्हें अलग करना कठिन है। जिस दिन पर्यावरण का अस्तित्व मिट गया, उस दिन मानव जाति का अस्तित्व ही मिट जाएगा। पर्यावरण को बचाने के लिए…

नशा उन्मूलन को यह मुहिम नाकाफी

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, मंडी से हैं समाज से नशे को उखाड़ने के लिए सरकार द्वारा सख्त नियमों का निर्वहन व स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा नशे के दुष्परिणामों के प्रति निरंतर मुहिम शुरू करनी होगी। एक दिन दिवस मना कर कुछ नहीं होगा, जब तक यह दिवस…

युवाओं को कृषि से जोड़कर समृद्ध होगा प्रदेश

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, सुंदरनगर, मंडी से हैं ऐसा क्या कारण या परिस्थितियां हैं जो युवा वर्ग कृषि व्यवस्था से मुंह मोड़ रहा है। कृषि व्यवस्था का मौसम पर निर्भर रहना, प्राचीन उपकरणों का इस्तेमाल, अंधविश्वासी कृषि व्यवस्था तथा समय पर बीज व…

युवा उम्मीदों की कद्र करे बजट

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, सुंदरनगर, मंडी से हैं प्रदेश में नौ लाख के करीब बेरोजगार हैं सबको सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती, जो कि शाश्वत सत्य है। क्यों न इन युवाओं को ईमानदारी से यह एहसास करवाया जाया कि प्रदेश में भौगोलिक दृष्टि से समृद्धता…