
डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी में होली मोहल्ला मेले के दूसरे दिन बीस हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर जीवन बनाया सफल, सुरक्षा रही चाक-चौबंद स्टाफ रिपोर्टर-अंब डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी में संचालित होली मोहल्ला मेले के दूसरे दिन बुधवार को करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा जी के दरबार में शीश नवाकर मन्नतें मांगीं।
कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम में पाकिस्तान को हराकर इंग्लैंड टी-20 वल्र्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। टीम ने मंगलवार को पाकिस्तान पर 2 विकेट से हराया। इंग्लिश टीम ने सुपर-8 में लगातार दूसरा मैच जीता ...
अमरीकी आयात शुल्क में अनिश्चितता के कारण घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट देखी गई और प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट में बंद हुए। बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,068.74 अंक (1.28 प्रतिशत) टूटकर 82,225.92 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 228.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत लुढक़कर 25,424.65 अंक पर रहा। अमरीका में आयात शुल्क को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में गिरावट रही, जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिला। मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांकों में अपेक्षाकृत कम गिरावट रही।
हिमाचल की शान उसके पहाड़ हैं जो शांत, धवल और स्थिर दिखाई देते हैं, इन्हीं पहाड़ों की बदौलत य़हां देश विदेश से सैलानी यहां की खूबसूरती को निहारने के लिए चले आते हैं, लेकिन सवाल ये हैं कि कब तक। हम ऐसा इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि हिमालयी क्षेत्र वर्तमान में गंभीर जलवायु संक्रमण काल से गुजर रहा हैं। शांत खड़े नजर आ रहे पहाड़ों के भीतर एक गहरी हलचल जारी है। यह हलचल सिर्फ मौसम के बदलाव की नहीं, बल्कि एक ऐसे जलवायु संक्रमण काल की है, जो आने वाले वर्षों में विनाशकारी रूप ले सकता है। बढ़ता वैश्विक तापमान अब पहाड़ों की चट्टानों तक सीमित नहीं रहा—यह सीधे ग्लेशियरों की उम्र कम कर रहा है। हिमाचल में भी गलेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, विशेषज्ञों की चेतावनी साफ है—यदि समय रहते वैज्ञानिक निगरानी और प्रभावी चेतावनी प्रणाली विकसित नहीं की गई, तो हिमाचल की घाटियां अचानक आई भीषण बाढ़ का सामना कर सकती हैं। जिसे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड का खतरा काफी बढ़ गया है। ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड को आसान भाषा में समझे तों जब पहाड़ों पर ग्लेशियर पिघलते हैं, तो वे अपने पीछे मलबे और बर्फ से घिरे प्राकृतिक बांध बना लेते हैं। जिनमें पानी जमा होकर झील का रूप ले लेता है। तापमान बढऩे या भूकंप आने पर जब ये कमजोर प्राकृतिक बांध टूटते हैं, तो लाखों गैलन पानी अचानक निचले इलाकों की ओर बह निकलता है। इसे ही जीएलओएफ कहा जाता है। और इस पर खुल कर चर्चा करना बहुत जरूरी है, ताकि हमारा कल सुरक्षित हो।
मेक्सिको सिटी। मेक्सिको के जंगलों में छिपे दुनिया के सबसे वांछित ड्रग माफिया और 'जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' के सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंट्स, उर्फ 'एल मेनचो' की कहानी खत्म होने के तीन किरदार...
रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद एक चार्टर्ड एंबुलेंस कुछ ही मिनटों में क्रैश हो गया। रेडबर्ड कंपनी के बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L मेडिकल चार्टर फ्लाइट में क्रू मेंबर समेत सात लोग सवार थे। फ्लाइट ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी, 7:34 पर एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन टूट गया। थोड़ी देर बाद प्लेन झारखंड के चतरा जिले के समरिया के जंगलों में क्रैश हो गया।
गांधीनगर। गिफ्टी निफ्टी ने 20 फरवरी को 23.48 अरब डॉलर के साथ कारोबार का नया रिकॉर्ड कायम किया। एनएसई अंतर्राष्ट्रीय एक्सचेंज (एनएसईआईएक्स) की ओर से रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 20 फरवरी को गिफ्टी निफ्टी में कुल 4,57,989 अनुबंधों के तहत 23.48 अरब डॉलर (तकरीबन 2,13,587 करोड़ रुपये) का
स्टाफ रिपोर्टर-आनी विकास खंड की ग्राम पंचायत जाबन के गाँव पच्छल की निवासी प्रियंका सागर का बीते दिनों हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा में कृषि विकास अधिकारी के रूप में चयन हुआ है। जिसके चलते एसडीएम आनी लक्ष्मण सिंह कनेट ने वीरवार को उन्हें अपने कार्यालय में टोपी और शॉल पहनाकर सम्मानित
ऊना में अब हो जाएंगी कुल 235 ग्राम पंचायतें, जनसंख्या वृद्धि और क्षेत्रफल बढऩे से पंचायतों में पड़ रहा था अतिरिक्त दबाव नगर संवाददाता-ऊना प्रदेश में पंचायती राज चुनावों से पहले सरकार ने प्रदेश भर में नई पंचायतों का पुर्नगठन किया है। इसी कड़ी में जिला ऊना में भी 6 नई पंचायतों का गठन किया