आध्यात्मिक विकास में साफ-सफाई कैसे मदद करती है

हमारे आसपास का माहौल हमारी इंद्रियों के लिए खुशनुमा नहीं होगा तो हमारे मन में बनने वाली छवि, हमारे अनुभव सुखदायक नहीं होंगे। जब आप इस तरह अपने भीतर अप्रिय भाव पैदा करते हैं, तो ऐसे में अनुभव की आनंददायक अवस्था को पाना और उसे बनाए रखना कठिन…

आप श्रद्धा दें, पितर शक्ति देंगे

-गतांक से आगे... लेखिका शेला आस्ट्रेंडर को एक बार उनकी एक सहेली मृत्यु के तत्काल बाद दिखी। वह सहेली कई मील दूर दूसरे शहर में उसी समय मरी थी। मृत्यु की खबर दूसरे दिन मिली। इससे चेतना की निस्सीमता का परिचय मिलता है। ऐसा नहीं है कि मृत्यु के…

कालिका सहस्रनाम

-गतांक से आगे... स्वयंभुवा शिवा धात्री पावनी लोक-पावनी। कीर्तिर्यशस्विनी मेधा विमेधा शुक्र-सुंदरी।। 141।। अश्विनी कृत्तिका पुष्या तैजस्का चंद्र-मंडला। सूक्ष्माऽसूक्ष्मा वलाका च वरदा भय-नाशिनी।। 142।। वरदाऽभयदा चैव मुक्ति-बंध-विनाशिनी।…

कोनेश्वरम मंदिर

नीले रंग का समुद्र और सुंदर मंदिर को देखकर इसके प्राकृतिक सौंदर्य पर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है। क्योंकि मंदिर तिब्बती पहाड़ कैलाश पर्वत (भगवान शिव का प्राथमिक निवास) पर स्थित होने के कारण दक्षिण का कैलाश के नाम से भी जाना जाता है...…

शनि मंदिर इंदौर

अहिल्या नगरी इंदौर में शनिदेव का प्राचीन व चामत्कारिक मंदिर जूनी इंदौर में स्थित है। यह मात्र हिंदोस्तान का ही नहीं, दुनिया का सबसे प्राचीन शनि मंदिर है। इस मंदिर के बारे में एक कथा प्रचलित है कि मंदिर के स्थान पर लगभग 300 वर्ष पूर्व एक 20…

बृजराज मंदिर

हिमाचल प्रदेश का नूरपुर नगर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां स्थित प्रमुख किला समुद्रतल से 2125 फुट की ऊंचाई पर बना हुआ है। बृजराज मंदिर भी इसी विशालकाय किले के भीतर स्थित है। यही नहीं, यह मंदिर किसी मंदिरनुमा…

दुर्गा देवी मंदिर काशी

वाराणसी कैंट से लगभग पांच किमी.की दूरी पर दुर्गा कुंड क्षेत्र में मां दुर्गा का भव्य एवं विशाल मंदिर है। बाबा विश्वनाथ नगरी के नाम से मशहूर काशी की पावन भूमि पर देवी मंदिरों का भी बड़ा ही महत्त्व है। यह मंदिर काशी के पुरातन मंदिरों में से…

कौन चलाता है सूर्यदेव का रथ

वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है। समस्त चराचर जगत की आत्मा सूर्य ही है। सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है, यह आज एक सर्वमान्य सत्य है। वैदिक काल में आर्य सूर्य को ही सारे जगत का कर्ताधर्ता मानते थे। सूर्य का शब्दार्थ है सर्व…

श्रीयंत्र की उपासना संपूर्ण की उपासना

पांच शिव त्रिकोण और चार शक्ति त्रिकोण अर्थात नौ त्रिकोण और बिंदु, एक से नौ तक की संख्या और बिंदु अर्थात शून्य, नौ और फिर शून्य, इस नौ और शून्य में संपूर्णता है। इसलिए कहा जाता है कि श्रीयंत्र की उपासना संपूर्ण की उपासना है। स्वर और व्यंजन…

अरोमा थैरेपी से राहत

जोड़ों के दर्द को बढ़ती उम्र की समस्या के तौर पर देखने वाला नजरिया बदल दें। इन दिनों युवाओं में भी जोड़ों के दर्द की शिकायत आम होती जा रही है। आइए जानते हैं इसके कारण और इससे राहत पाने के तरीके। हमारा शरीर 206 हड्डियों पर टिका है।  हमारे…

गीता रहस्य

स्वामी रामस्वरूप वेदों में कहे ईश्वर के नाम ॐ का अर्थ सहित चिंतन एवं उच्चारण करता हुआ, इस प्रकार ईश्वर के नाम का स्मरण करता है, वह साधक अंत समय में शरीर को त्यागकर, जो मनुष्य जीवन का लक्ष्य मोक्ष है, वह उस मोक्ष के सुख को प्राप्त कर लेता…

अज्ञानता दूर करता है परमात्मा

गुरुओं, अवतारों, पैगंबरों, ऐतिहासिक पात्रों तथा कांगड़ा ब्राइड जैसे कलात्मक चित्रों के रचयिता सोभा सिंह पर लेखक डॉ. कुलवंत सिंह खोखर द्वारा लिखी किताब ‘सोल एंड प्रिंसिपल्स’ कई सामाजिक पहलुओं को उद्घाटित करती है। अंग्रेजी में लिखी इस किताब…

दादी मां के नुस्खे

* आलूबुखारा चूसने से भी गले की खुश्की मिट जाती है। * दमा रोग से पीडि़त हैं , तो रात में सोने से पहले भुने हुए चने खाकर एक कप गर्म दूध पीने से सांस की नली साफ हो जाती है। दमा रोग से छुटकारा मिल जाता है। * खांसी आने पर देशी पान के पत्ते में…

प्रेम का द्वार परमात्मा

बाबा हरदेव अतः बात दृष्टि की है। पदार्थ में क्या सौंदर्य हो सकता है, शब्द में क्या सार हो सकता है क्योंकि पदार्थ और शब्द में झलकता है सार। इस संसार असार में प्रेम रत्न है सार। जैसे दर्पण में  कोई प्रतिबिंब झलकता है, जैसे रात को आकाश में…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं रामायण के पात्र

अंगद रामायण का एक पात्र, पंचकन्या में से एक तारा तथा किष्किंधा के राजा बाली का पुत्र और सुग्रीव का भतीजा था। वह रावण की लंका को ध्वस्त करने वाली राम सेना का एक प्रमुख योद्धा था। उसका बल देखकर लोग हैरान हो जाते थे... जब हम आध्यात्मिक…