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आस्था का अनूठा संगम श्रीरेणुकाजी

मां-पुत्र के पावन मिलन का श्री रेणुका जी मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है। जो हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री रेणुका में मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार इस…

अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला

अजमेर से लगभग 11 किमी. दूर हिंदुओं का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पुष्कर है। यहां पर कार्तिक पूर्णिमा को मेला लगता है। यह मेला कार्तिक शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा के दिन महास्नान के साथ संपन्न होता है। मेले का रंग राजस्थान में देखते ही बनता है। पुष्कर…

कलियुग में महाफलदायी है कालभैरवाष्टमी

भगवान शंकर के कालभैरव स्वरूप का आविर्भाव मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की प्रदोष काल, व्यापिनी अष्टमी में हुआ था। अतः यह तिथि ‘कालभैरवाष्टमी’ के नाम से विख्यात हो गई। मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर कालभैरव के निमित्त व्रत-उपवास रखने पर जल्द…

खली पेट लहसुन खाने के फायदे

लहसुन में एलियम नामक एंटीबायोटिक होता है, जो बहुत से रोगों से बचाव में लाभप्रद है। नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर कम या ज्यादा होने की बीमारी नहीं होती। कई अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि खाली पेट लहसुन का सेवन करने से इसकी शक्ति और भी…

अघंमी वाणी का उच्चरण

धन-धन श्री गुरु रविदास महाराज जी जन्म के समय से ही अघंमी शक्तियों से व सर्वकला संपूर्ण थे। सतगुरु स्वामी ईशर दास महाराज जी श्री गुरु आदि प्रगाश गं्रथ जी में फरमान करते हैं कि ‘गुरु रविदास आए हरि जोत, तेती कोट गुरु संग खलोत’ भाव कि श्री गुरु…

सीता अम्मान मंदिर

इस इलाके में कई मंदिर हैं, लेकिन वानर सिर्फ  सीता माता के मंदिर में ही नजर आते हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक भगवान हनुमान की कई प्रतिमाएं हैं। किंवदंती है कि मंदिर के पीछे एक चट्टान पर हनुमान के चरण चिह्न भी हैं। एक खास किस्म…

विष्णु पुराण

सुरुचिः सत्यमाहेदं मंदभाग्योऽसि पुत्रक। न हि पुण्यवतां वत्स सपत्नैरेवमुच्यत।। नोद्वेगस्तात कर्त्तव्यः कृत यत् भवता पुरा। तस्कोऽपहत्तु शक्नोति दातुं कश्चावृत त्वया।। तत्वया नात्र कर्त्तव्यं दुख तद्वाक्यसम्भवम्।। राजासर राजच्छत्र…

श्री विश्वकर्मा पुराण

हे शौनक! तुम्हारे सबके मन की जो इच्छा थी, वह मैंने तुमको विस्तार से बताई है। परम कृपालु विश्वकर्मा की आज्ञा से उत्पन्न हुए वह सब मैंने बताए। ये प्रभु अपनी इच्छा शक्ति से समस्त विश्व की इस प्रकार उत्पत्ति करते हैं। यथायोग्य समय तक उसको स्थिर…

अग्निहोत्र यज्ञ का यथार्थ स्वरूप

चतुर्थ मंत्र का अर्थः इस मंत्र का अर्थ भी उपयुक्त तृतीय मंत्र के तुल्य ही है। इतना विशेष है कि अग्निहोत्र और ईश्वर की उपासना करते हुए हम लोग सौ हेमंत ऋतु व्यतीत हो जाने पर्यंत अर्थात सौ वर्ष तक, (आरोग्य, आनंद वद्ध धनादि पदार्थों से वृद्धि…

क्यों आए भगवान शिव महाकाली के पैरों के नीचे

सभी देवता भगवान शिव के पास गए और महाकाली को शांत करने के लिए प्रार्थना करने लगे। भगवान शिव ने उन्हें बहुत प्रकार से शांत करने की कोशिश की। जब सभी प्रयास विफल हो गए, तो वह उनके मार्ग में लेट गए। जब उनके चरण भगवान शिव पर पड़े तो वह एकदम से…

आत्म पुराण

हे शाकल्य! जब मैं सूर्य भगवान से विद्या अध्ययन करके पृथ्वी पर आने लगा, तो सूर्य भगवान ने प्रसन्न होकर कहा था कि याज्ञवल्क्य! जो विद्या मैंने तुमको दी है यदि कोई पुरुष उसे नहीं मानेगा तो मैं उसे उसी समय भस्म कर दूंगा। मैंने उसी समय सूर्य…

भारतीय संस्कृति

स्वामी रामस्वरूप ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 129 में स्पष्ट किया है कि केवल एक निराकार, सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापक सृष्टि रचयिता परमेश्वर ही इस संपूर्ण पृथ्वी का स्वामी है और उसने मनुष्य जाति के उद्धार के लिए वेद-विद्या का दान किया है। यह विद्या…

अजूबे से कम नहीं है मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर

पोत्रमारै कूलम, पवित्र सरोवर है जो 165 फुट लंबा एवं 120 फुट चौड़ा है। यह मंदिर के भीतर भक्तों हेतु अति पवित्र स्थल है। भक्तगण मंदिर में प्रवेश से पूर्व इसकी परिक्रमा करते हैं। इसका शाब्दिक अर्थ है स्वर्ण कमल वाला सरोवर... गतांक से आगे...…

ब्रत एवं त्योहार

5 नवंबर रविवार, मार्गशीर्ष, कृष्णपक्ष, प्रथमा, द्वितीया 6 नवंबर सोमवार, मार्गशीर्ष, कृष्णपक्ष, तृतीया 7 नवंबर मंगलवार, मार्गशीर्ष, कृष्णपक्ष, चतुर्थी, श्री गणेश चतुर्थी व्रत 8 नवंबर बुधवार, मार्गशीर्ष, कृष्णपक्ष, पंचमी 9 नवंबर बृहस्पतिवार,…

पायरिया के लक्षण

दांत कमजोर होकर हिलने लगते हैं तथा दो दांतों के बीच में गैप हो जाता है। इसकी वजह से सांसों से बदबू भी आनी शुरू हो जाती है और दांतों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। गर्म और ज्यादा ठंडा पानी पीने पर दांतों की संवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं होती...…
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