आधुनिक करवटों का शहर सोलन

पहली सितंबर, 1972 को अस्तित्व में आए जिला का सोलन शहर दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। शहर ने हर क्षेत्र में सफलता के लंबे डग भरे हैं। शहर के विकास की कहानी दखल के जरिए बता रहे हैं सोलन के ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार... बीते 20 वर्षों…

संस्कृति के कितने पास हम

प्रदेश में छह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मेले,  महत्ता से तय होता है स्तर किसी प्रदेश या क्षेत्र की संस्कृति के परिचायक स्थानीय उत्सव होते हैं। मेलों और उत्सवों के जरिए संस्कृति का प्रचार बखूबी होता है।  प्रदेश में भी शिवरात्रि, दशहरा, मिंजर…

कसौटी पर ‘वीर बजट’

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 2017-18 के बजट में हर सेक्टर के लिए एक खास मंत्र दिया है। यह बात अलग है कि इन सपनों को सच करने के लिए धन मंत्र का कहीं जिक्र तक नहीं। इस बार दखल के जरिए जानें बजट पर बुद्धिजीवियों की राय ... मुख्यमंत्री वीरभद्र…

वोट-वादों का बजट

चुनावी साल में वीरभद्र सिंह के हाथों पेश होने वाले बजट में बेशक वोट-वादे टॉप ट्रेंड करेंगे। चार साल में दी गई नौकरियों के अलावा इलेक्शन से पहले मनभावन सौगातों का टी-20 भी दिखने के आसार हैं। कैसा रहेगा बजट का एजेंडा, ‘दिव्य हिमाचल’ के नजरिए…

अपराध की गली तक हिमाचल

देवभूमि हिमाचल भी अपराधों का प्रदेश बनता जा रहा है। यहां भी अन्य राज्यों की तरह आपराधिक वारदातें बढ़ रही हैं। हिमाचल में हर साल 17 हजार के करीब मामले थानों में दर्ज हो रहे हैं, यानी हर रोज करीब 46 मामले थानों तक पहुंचते हैं। हत्या,…

सांस्कृतिक राजधानी मंडी का सच

छोटी काशी ही प्रदेश की ऐसी जगह है, जहां तीन धर्मों का अध्यात्म और तीन विशेष समुदायों की संस्कृति ने एकसूत्र में समावेश किया है। इसमें भी कोई दोराय नहीं है कि सांस्कृतिक राजधानी होने के बाद भी मंडी को वह सब कुछ नहीं मिल सका, जो  एक…

करियर की फांस में हिमाचली बच्‍चे

रुचि जाने बिना हिमाचली अपने बच्चों को जबरन डाक्टर-इंजीनियर बनाने पर उतारू हैं। आर्ट्स-कॉमर्स से बच्चों को दूर रखकर जहां हजारों पेरेंट्स उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर रहे हैं, वहीं उनके सुनहरे करियर में भी रोड़ा बन रहे हैं। इसी गंभीर मसले पर…

ऐसे स्मार्ट बनेगा शिमला

हिमाचल की शान शिमला महज अपनी खूबसूरती के कारण स्मार्ट नहीं बन सकता। राजधानी को स्मार्ट सिटी का चोला पहनाने के लिए कई दिक्कतों से पार पाना होगा। मसलन, ट्रैफिक, ट्रांसपोर्ट सिस्टम, 24 घंटे बिजली-पानी, नई टाउनशिप व डे्रनेज सिस्टम से लेकर ऐसे…

राजधानी के अक्‍स में दूसरी राजधानी

यह अचानक है या एक लंबी परिपाटी का मुकाम कि मुख्यमंत्री ने दूसरी राजधानी का तमगा भी कांगड़ा जिला मुख्यालय को पहना दिया। हालांकि जिस तरह सरकार की व्यस्तता इस ओर निरंतर बढ़ रही थी और शीतकालीन प्रवास से शीतकालीन सत्र, सियासी अनिवार्यता बन गए,…

सुलगता हिमाचल बेहाल फायर ब्रिगेड

हिमाचल प्रदेश में हर साल आग कहर बरपाती है। अग्निशमन विभाग हर हाल में आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश करता है, पर कभी बहुत देर हो जाती है तो कभी पहाड़ के संकरे रास्ते मंजिल तक फायर ब्रिगेड को पहुंचने ही नहीं देते। इस बार दखल के जरिए फायर…

बर्फ होता शिमला

बर्फबारी ने उन तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी, जिनमें प्रभावितों को समय पर राहत देने के दावे थे। आलम ऐसा था कि सड़कें बंद हो गईं।  स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रोगी वाहनों तक की सुविधा लोगों को नहीं मिल सकी। अस्पताल में…

सैलानियों के स्‍वागत को कितना तैयार हिमाचल – 2

हिमाचल को कुदरत ने ऐसा सौंदर्य बख्शा है, जो हर किसी को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। हर साल आबादी से दोगुना यहां पहुंचने वाले सैलानी पहाड़ की खूबसूरती पर मुहर लगाते हैं। बेशक सैलानियों की आमद ज्यादा हैं पर वे एक या दो दिन रुकने के बाद…

सैलानियों के स्‍वागत को कितना तैयार हिमाचल

प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब हिमाचल में और निखार लाने के लिए जरा से मेकअप की ही जरूरत है। मसलन ऐसे प्रोजेक्ट हों, जिनमें पर्यटक दिलचस्पी लें  और उनका ठहराव दो दिन से बढ़कर हफ्ते तक खर्च जाए। तभी हिमाचल में पर्यटन उद्योग को पंख लग सकते हैं...…

तपोवन में क्‍या खोया-क्‍या पाया

हिमाचल के नेताओं ने जब केद्र के बड़े प्रोजेक्टों पर चर्चा न की तो बेरोजगारी, पर्यटन, किसान व बागबानों से संबंधित मसलों की  बिसात ही क्या है। आखिर कुल मिलाकर सवा 11 घंटे चले इस सत्र में हमने क्या पाया-क्या खोया। हमारे नेताओं ने हमारे लिए…

अपनी छवि की छांव में सरकार

अपनी चौथी वर्षगांठ मना रही हिमाचल सरकार के आंगन का आंखों देखा हाल बयान करती उपलब्धियां अगर सफलता का प्रतीक हैं, तो छवि की कई खाइयों में दाग भी हैं। कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन में शाबाशियों का सवेरा है तो अंधकार के बाहुपाश में कहीं एक उदास…