स्वाद बदलते हिमाचली युवा

ताकतवर गेहूं की जगह खोखले मैदे से बने नूडल्स ने ले ली तो चावल को मोमो ने पछाड़ दिया। हिमाचल के नौजवानों को दूध-लस्सी से ज्यादा कोल्ड ड्रिंक्स प्यारी हो गई। जी,हां! यही है देवभूमि में खान-पान का नया ट्रेंड। स्वाद के बहाने फास्ट फूड युवाओं पर…

ड्रेसअप होता हिमाचली युवा

पर्सनेलिटी में बोलचाल का जितना महत्त्व है, उतना ही पहनावा भी मायने रखता है। समय के साथ-साथ ड्रेसिंग का ट्रेंड भी बदलता रहता है। आज हिमाचली  युवा किस तरह खुद को ड्रेसअप कर रहा है, दखल के जरिए बता रहे हैं...भावना शर्मा, प्रतिमा चौहान व…

मैदान में युवा

हिमाचल के नौजवान खेलों में भी प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं, लेकिन बेहतर सुविधाएं न मिलने से खेल प्रतिभाएं दम तोड़ती नजर आने लगी हैं। दूसरे राज्यों के मुकाबले हिमाचल के पिछड़ते खेल ढांचे को दखल के जरिए बेपर्दा कर रहे हैं, शकील कुरैशी,…

लाइब्रेरी में युवा

एचपीयू में दो लाख किताबें प्रतियोगिता में अव्वल रहने के लिए अच्छी किताबों व कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। युवा वर्ग के लिए प्रदेश की लाइब्रेरियों में अच्छी-अच्छी पुस्तकें उपलब्ध   हैं। लिहाजा पुस्तकालय में युवा वर्ग की दिलचस्पी बढ़ रही…

शिमला की सिसकियां

32 हजार आबादी के लिए बसाए गए शिमला शहर में आज करीब दो लाख लोग वास कर रहे हैं, लेकिन नगर की दुर्गति यह है कि जनसंख्या बढ़ने के साथ मूलभूत सुविधाओं की ओर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। मसलन  पानी, सड़कें स्वास्थ्य और पार्किंग की दिक्कत दिनों-दिन…

दहकते जंगल

हर साल की तरह इस बार भी जंगल की आग में करोड़ों की वन संपदा राख हो चुकी है। यहीं नहीं, प्रचंड दावानल ने तीन अमूल्य जिंगदियों को भी लील लिया है। हर बार सरकार आग से निपटने की कई योजनाएं बनाती है पर आखिरकार नतीजा सिफर ही होता है। प्रदेश में…

हिंदी पत्रकारिता की धार

बेशक इक्कीसवीं सदी आते-आते दुनिया का चेहरा-मोहरा हर लिहाज से बहुत अधिक बदल गया है, परंतु मीडिया और पत्रकारिता के संबंध आज भी बदस्तूर कसौटी पर कसे जाते हैं। इसमें दो राय नहीं कि अब तक रचित साहित्य का बड़ा भाग शाश्वत और यशस्वी होकर मानव…

जहरीला होता भू – जल

बिना फिल्टर चलने वाली 500 परियोजनाएं और मटमैला पानी उगलने वाले एक हजार हैंडपंप... हिमाचल में  पानी की यही कहानी है। इसे और भयावह वे उन्नीस हजार बस्तियां बनाती हैं, जहां लोगों को पता ही नहीं कि वे दूषित जल पी रहे हैं या स्वच्छ। रही-सही कसर…

‘दाग’ अच्छे नहीं हैं  

हर माह आठ कत्ल, साल में 248 रेप और 1800 केस पेंडिंग। शांति का तमगा लिए हिमाचल में हर 30 मिनट बाद बड़ा क्राइम होता है। गणित ऐसा है तो सवाल भी पुलिस से ही होगा। जवाब में भले ही 1970 खाली पदों का हवाला दिया जाए, लेकिन ये दाग अच्छे नहीं हैं।…

बिजली प्रोजेक्टों ने सुखाए नदी- नाले

प्रदेश में धड़ाधड़ हाइडल प्रोजेक्ट स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके चलते नदी-नालों सहित कूहलें भी सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। परियोजना प्रबंधन तय नियमों के अनुसार पानी डिस्चार्ज नहीं करते, लिहाजा कृषि पर भी इसका विपरीत असर पड़ने लगा है।…

सिकुड़ता पर्यटन

हिमाचल को ईश्वर ने प्राकृतिक सौंदर्य देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पर यह दुखद है कि आज तक प्रदेश की सरकारें इस सौंदर्य को निखार पाने में कामयाब नहीं हो पाई हैं, नए टूरिस्ट प्लेस विकसित न होने से सैलानियों का भी देवभूमि से मोहभंग होने लगा।…

सड़क सुरक्षा मायने और व्यवस्था

तीन घंटे में हादसा, हर रोज जा रही तीन जानें हिमाचल सड़क हादसों की भूमि बनता जा रहा है। शायद ही ऐसा कोई दिन होगा, जब राज्य में कोई सड़क हादसा  न हो। प्रदेश में सड़क सुरक्षा और व्यवस्था को दखल के जरिए बता रहे हैं, खुशहाल सिंह... हिमाचल सड़क…

कैग हमें बचा लो…

कैग की रिपोर्ट में लगभग हर विभाग की लापरवाही सामने आई है। विभिन्न महकमों को करोड़ों का नुकसान रिपोर्ट में दर्शाया गया है। बड़ी बात यह है कि अगर सरकारी खजाने को नुकसान न हो तो प्रदेश तरक्की के लंबे डग भर सकता है। हर साल ऐसे ही चपत लगती रही…

सदन में ‘सरकार’

प्रदेश की भाजपा नीत जयराम सरकार के पहले बजट सत्र में बेशक तीन महीने के कार्यकलाप पर विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर हमला बोला, लेकिन पिछली सरकार की करनी को सामने लाकर प्रदेश सरकार ने न केवल अपना बचाव बेहतर तरीके से किया,बल्कि विपक्ष को भी…

सुहाने सफर की ओर हिमाचल

हिमाचल में फोरलेन बनने से लोगों को जहां सर्पीली सड़कों से राहत मिलेगी, फासला कम होने से समय और पैसे की भी बचत होगी। हिमाचल में प्रस्तावित महत्त्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना पर आधारित  इस बार का दखल... फोरलेन हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन को बदल…