बढ़ती सांप्रदायिक राजनीति

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जिसका अपना संविधान है। संविधान ने मुसलमानों को भी बराबर के अधिकार दे रखे हैं तथा यहां कानून का शासन है। दिल्ली में जामिया तथा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी दो ऐसे…

हार पर इतनी खुश क्यों कांग्रेस

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार अगर मैं निर्णय लेने वाले लोगों में शामिल होता तो मैं पार्टी के बड़े नेताओं को कहीं बाहर सात दिनों के लिए ले जाता जहां वे पार्टी के नेताओं और आम लोगों के संपर्क से भी दूर रहते। पार्टी के…

‘आप’ ने भाजपा को उखाड़ फेंका

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीटें मिलीं, जबकि 2015 में विधानसभा चुनाव में आप को 67 सीटें मिलीं, बाकी तीन सीटों पर भाजपा विजयी रही। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 303 सीटें…

असीम आशाओं वाला बजट

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार सरकार को नागरिकता जैसी पेचीदा योजनाओं से बाहर आना चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हाल के कुछ सर्वेक्षणों के अनुसार भारत अभी भी सबसे बड़ा संभावित निवेश गंतव्य है, लेकिन वित्त मंत्री को…

किसके पूर्वजों ने बनाया ताज?

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार नागरिकता का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि यह जन्म या उपार्जन पर आधारित है। उन लोगों की मदद के लिए धर्म को कानून में लाया गया था जो अन्य देशों में अपने अलग-अलग धर्म के कारण प्रताडि़त…

दिल्ली चुनाव को तेज दौड़ शुरू

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार इस बात की प्रबल संभावना है कि संसदीय चुनावों में प्रदर्शन को देखते हुए सभी को यह उम्मीद थी कि भाजपा के पास जीत का कार्ड है, लेकिन केजरीवाल द्वारा मतदाताओं को सुविधाओं के कार्ड बांटने से और…

गुरु-शिष्य का घटता सम्मान

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार वामपंथ से जुड़े पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और संघ की वर्तमान अध्यक्ष आईशी घोष बात कर रहे हैं। किसी समय पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार मोदी या शाह या किसी अन्य व्यक्ति के बारे में…

फैज की शायरी पर राजनीति

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार यदि कुछ और नहीं तो कविता भारत में अपने उद्वरण के दुरुपयोग के कारण कलह का केंद्र बिंदु बन सकती है। नागरिकता कानून के निहितार्थ के मामले में भारत उबाल पर है और कविता को कुछ मामलों में संदर्भित…

साल 2019ः पीड़ा और उल्लास

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार संविधान में महत्त्वपूर्ण बदलावों के लिए भी यह साल याद किया जाएगा और इसका सुचारू प्रबंधन देश के गृह मंत्री ने किया। उनका दावा है कि अनुच्छेद 370 के बदलावों को लागू करने में एक भी गोली नहीं…

झूठ फैलाना व धोखे की राजनीति

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार यह बिल्कुल उचित समय है जब सामाजिक क्षेत्र में अनावश्यक संघर्ष और तनाव फैलाने वाले झूठ और अफवाहों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों को नियमित रूप से तथ्यों को अभिव्यक्त करना चाहिए और…

विभाजित व्यक्तित्व की परीक्षा

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार सारनाथ और खजुराहो जैसे स्मारक इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे लोगों ने आक्रमणकारियों द्वारा उनके विध्वंस के डर से इसे धूल के नीचे दबा दिया। यह मानसिक सदमे में यादों के नुकसान के रूप में प्रकट…

महिलाओं को न्याय चाहिए, दया नहीं

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार हाल के दिनों में चार मुद्दों पर बहस हो रही है। 1. देश बलात्कार की घटनाओं से भरा हुआ हो गया है और वास्तव में एक राजनेता जो क्रूर मजाक के लिए जाना जाता है, भारत को एक बलात्कारी कहता है। 2.…

धन-शक्ति का खेल बनी राजनीति

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार यह आदर्शवाद व विचारधारा के अंत का एक विचित्र प्रदर्शन है, जब इस तरह की असमान सोच वाले लोग पिछली पृष्ठभूमि को भूलकर केवल भौतिक लाभ के लिए एक साझे राजनीतिक दुश्मन को हराने के लिए इकट्ठा होते…

अशांति के लिए प्रशासन दोषी

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार राष्ट्र अब बौद्धिक संपदा को विकसित करने के लिए चेतना विकसित कर रहे हैं जो आर्थिक विकास और वैज्ञानिक सफलता का स्रोत है। इसलिए उच्च शिक्षा एक देश को आगे बढ़ाने के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है।…

देश का चरित्र बदलने वाले नेता

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार टीएन शेषन, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त का हाल ही में चेन्नई में उनके घर पर निधन हो गया और उनके अंतिम संस्कार में लगभग एक दर्जन लोग शामिल हुए। मीडिया ने भी उनके बारे में बहुत कम जानकारी दी। शेषन…