विधानसभा चुनावों के सबक

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार इसमें कोई शक नहीं कि वीरभद्र सिंह के अलावा पार्टी में कोई ऐसा नेता नहीं है जो भविष्य की संभावनाओं को बनाते हुए मुख्यमंत्री पद के लिए तैयार किया जा सके। कांग्रेस कौल सिंह और विप्लव ठाकुर को…

साहित्य में सियासत क्यों

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार शांता कुमार जैसे व्यक्ति, जो राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं और अपने आप में एक प्रसिद्ध लेखक हैं, पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। बाद में उन्होंने अपने एक बयान में इस बात की निंदा की कि एक…

धार्मिक स्थलों में हस्तक्षेप क्यों?

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार हाल ही में हिमाचल के अंबोटा के शिव बाड़ी मंदिर मामले में सरकार हिंदुओं के धर्म के मामलों में अपनी खुद की जागीर बनाने की राह पर चल रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने पुजारी को हटाने के…

स्वच्छता के बहुपक्षीय निहितार्थ

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार जैसा कि मैंने अपने शोध और किताब ‘ईस्टर्न एंड क्रास कल्चरल मैनेजमेंट’ में निष्कर्ष निकाला है कि भारत ‘चलता है’ वर्क कल्चर से ग्रस्त है। पुराने दिन अच्छे थे जब समुदाय ने गांव और तालुका काम…

भगत सिंहः देशभक्ति के प्रतीक

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार 2008 के अंत में इंडिया टुडे द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में देश के लोगों ने भगत सिंह को स्वतंत्रता के लिए भारतीय संघर्ष के सबसे महान भारतीय के रूप में दिखाया। महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू…

कानून निर्माताओं का असली ध्येय

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार हमारे कानून निर्माताओं का असली ध्येय धन कमाना रह गया है, जबकि काम को तरजीह नहीं दी जा रही है। हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों को अपना आयकर भुगतान करने के लिए कहा,…

भारत में सड़क संस्कृति का सुधार

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार जब मैंने संयुक्त राष्ट्र के लिए करीब 12 देशों में काम किया तो मैंने पाया कि अफ्रीका के आदिम देशों की दूरस्थ सड़कों तक में सड़क नियमों के प्रति पूरा सम्मान होने की तुलना में हमारी सड़कों पर…

सितारों के उस पार एक संसार

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार नेहरू ने साराभाई, सतीश धवन और भटनागर जैसे कई वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया और बढ़ावा दिया, जिन्होंने आगे जा कर विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधान के अलावा अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की।…

मोदी का वैश्विक वर्चस्व

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार सम्मान की जिस दृष्टि के साथ विश्व आज हमें देख रहा है, वह सम्मान चंद्रयान जैसी परियोजना के कारण और बढ़ गया है। जब मैंने यूएन सर्विस की यात्रा की अथवा एयर इंडिया के बोर्ड में जब मैं डायरेक्टर…

कश्मीर समस्या का साहसिक समाधान

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार चूंकि भारत का संविधान जम्मू-कश्मीर के संविधान से पूरी तरह अखंडित नहीं था, इसलिए इसे लागू करने के लिए पहले एक आदेश जारी किया गया। दूसरे, बदलाव लाने की शक्ति को कायम रखने के अलावा…

डगमगाती कांग्रेस के सामने विकल्प

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार कांग्रेस को राष्ट्रीय परिदृश्य का नेतृत्व करने की हेकड़ी को छोड़ते हुए जहां रणनीति बनती है, वहां समविचारक दलों से गठजोड़ कर लेना चाहिए। बेशक पंजाब अभी भी उसके प्रभाव में है, किंतु यह कैप्टन…

लोकतंत्र और भीड़तंत्र

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार संसदीय प्रणाली की विफलता को देखकर ही हिमाचल के अग्रणी अखबार ‘दिव्य हिमाचल’ के सीएमडी भानू धमीजा ने अपनी पुस्तक में यह वकालत की है कि भारत को शासन की राष्ट्रपति पद्धति अपना लेनी चाहिए। उनके…

कर्नाटक की सियासत के सबक

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार 15 विधायकों, जिनमें दस कांग्रेस और पांच जनता दल सेक्युलर के हैं, ने इस्तीफा दे दिया है और चाहते हैं कि स्पीकर इन्हें स्वीकार करे। पूरा मामला लड़खड़ाती सरकार ने लटकाए रखा, जो सदन का विश्वास…

हर जगह पानी, पीने को बूंद नहीं

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार अधिकतर भारतीय राज्य वर्षा के पानी की वजह से बाढ़ग्रस्त हैं, लेकिन फिर भी 165 मिलियन भारतीयों को पीने का स्वच्छ पानी नसीब नहीं है। सरकार ने आगाह किया है कि 2020 तक भारत के 22 शहरों को भीषण जल…

नेता की तलाश में एक पार्टी

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार जवाहर लाल नेहरू का लोकतांत्रिक भारत के नेता के रूप में आरोहण भारत में एक महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम था। यह इसलिए कि मोती लाल नेहरू के बाद जवाहर लाल ने उस वंश परंपरा की नींव रखी जिसने…