मोदी का वैश्विक वर्चस्व

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार सम्मान की जिस दृष्टि के साथ विश्व आज हमें देख रहा है, वह सम्मान चंद्रयान जैसी परियोजना के कारण और बढ़ गया है। जब मैंने यूएन सर्विस की यात्रा की अथवा एयर इंडिया के बोर्ड में जब मैं डायरेक्टर…

कश्मीर समस्या का साहसिक समाधान

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार चूंकि भारत का संविधान जम्मू-कश्मीर के संविधान से पूरी तरह अखंडित नहीं था, इसलिए इसे लागू करने के लिए पहले एक आदेश जारी किया गया। दूसरे, बदलाव लाने की शक्ति को कायम रखने के अलावा…

डगमगाती कांग्रेस के सामने विकल्प

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार कांग्रेस को राष्ट्रीय परिदृश्य का नेतृत्व करने की हेकड़ी को छोड़ते हुए जहां रणनीति बनती है, वहां समविचारक दलों से गठजोड़ कर लेना चाहिए। बेशक पंजाब अभी भी उसके प्रभाव में है, किंतु यह कैप्टन…

लोकतंत्र और भीड़तंत्र

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार संसदीय प्रणाली की विफलता को देखकर ही हिमाचल के अग्रणी अखबार ‘दिव्य हिमाचल’ के सीएमडी भानू धमीजा ने अपनी पुस्तक में यह वकालत की है कि भारत को शासन की राष्ट्रपति पद्धति अपना लेनी चाहिए। उनके…

कर्नाटक की सियासत के सबक

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार 15 विधायकों, जिनमें दस कांग्रेस और पांच जनता दल सेक्युलर के हैं, ने इस्तीफा दे दिया है और चाहते हैं कि स्पीकर इन्हें स्वीकार करे। पूरा मामला लड़खड़ाती सरकार ने लटकाए रखा, जो सदन का विश्वास…

हर जगह पानी, पीने को बूंद नहीं

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार अधिकतर भारतीय राज्य वर्षा के पानी की वजह से बाढ़ग्रस्त हैं, लेकिन फिर भी 165 मिलियन भारतीयों को पीने का स्वच्छ पानी नसीब नहीं है। सरकार ने आगाह किया है कि 2020 तक भारत के 22 शहरों को भीषण जल…

नेता की तलाश में एक पार्टी

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार जवाहर लाल नेहरू का लोकतांत्रिक भारत के नेता के रूप में आरोहण भारत में एक महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम था। यह इसलिए कि मोती लाल नेहरू के बाद जवाहर लाल ने उस वंश परंपरा की नींव रखी जिसने…

लोक-लुभावन वादों का औचित्य

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले घोषणा की थी कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वह प्रत्येक किसान को 72000 रुपए सालाना देंगे। यह उस गरीब किसान की भावना को…

विपक्ष बचाओ गठबंधन की जरूरत

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार दिन-प्रतिदिन विपक्ष की संख्या में कमी आ रही है। संख्या के साथ-साथ उनके प्रभाव और रौब में भी कमी आ रही है। सिर्फ संख्या में कमी ही नहीं आ रही है, बल्कि बड़े पैमाने पर सीटें व…

हम भारतीय कितने गरीब हैं

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार बेशक गरीबों तक पहुंचाने के लिए कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण होता रहा है तथा हम आगे की ओर कछुआ चाल से बढ़े हैं। कुछ अवसरों पर हमने मनरेगा से धन का आवंटन किया जो कि अस्थायी काम पैदा करता है…

वंशवादी राजनीति की घटती शक्ति

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार इस परंपरा के कारण कांग्रेस में किसी अन्य को उभरने का कोई मौका नहीं मिल पाया। उधर नरेंद्र मोदी, जो कि परिवारवादी राजनीति के खात्मे के लिए कृतसंकल्प हैं, चुनाव में फिर से जीत हासिल करके दमदार…

कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई घातक

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार मैंने जब कांग्रेस के राज्य बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ से इस्तीफा दिया था तो सोनिया गांधी को लिखा था कि पार्टी में ग्रास रूट कैडर के विकास की सख्त जरूरत के साथ यह भी जरूरत है कि इसमें विचार-विनिमय…

राजनीति में युगांतरकारी बदलाव

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार बड़े स्तर पर मुसलमानों ने भी मोदी के पक्ष में मतदान किया, जिन्होंने राजनीति के गांधी मॉडल के स्थान पर मोदी मॉडल स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। इस बात में कोई आश्चर्य नहीं है कि यूपी में…

इस चुनाव के अनसुलझे मसले

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के लिए ‘चौकीदार चोर है’ का नारा देकर सबसे बुरा नारा गढ़ने का काम किया। इसी नारे पर जब बच्चों ने शोरोगुल किया तो नारे पर हंसकर प्रियंका गांधी ने भी…

दिल्ली है भारत का दिल

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार दिन की समाप्ति के साथ मैं इस बात से हैरान हो गया जब कांग्रेस के कट्टर समर्थकों तक ने माना कि कांग्रेस को दो सीटें मिलेंगी तथा बाकी सभी सीटें एनडीए को चली जाएंगी। मेरा अपना अनुमान भी यह था कि…