मोदी के एजेंडे पर टालमटोल करती संस्थाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं जैसा कि पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच कार्य-निष्पादन में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। हाल में रिजर्व बैंक के गवर्नर…

जन्म स्थान पर राम मंदिर क्यों नहीं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं उस बाबर की मस्जिद पत्रकारों अथवा न्यायपालिका या उन सब लोगों, जो इसे संरक्षित कर रहे हैं, के लिए इतनी मूल्यवान कैसे हो सकती है? मुसलमानों का शिया समुदाय पहले से ही…

सीबीआई की अंदरूनी घातक लड़ाई

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं जैसी कि आशा थी, कोर्ट इस केस को अपने हाथ में लेकर बहुत खुश हुई और उसने तुरंत सुनवाई की इजाजत दी। उसने आदेश दिया कि सीबीआई निदेशक के खिलाफ जांच का काम एक पखवाड़े में…

सबरीमाला : लैंगिक पक्षपात से मूल्यों तक

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं न्याय के लिए मूलभूत मसला यह है कि क्या महिलाओं का शोषण हुआ है अथवा अनुचित तरीके से लाभ पाने के लिए कहीं कोई लैंगिक पक्षपात हुआ है? सबरीमाला की अपने मूल्यों के लिए…

कसौली फेस्टिवल में ज्यादा राजनीति

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं इस तरह के फेस्टिवल नए उभरते लेखकों के लिए अपनी कृतियां पेश करने के नजरिए से महत्त्वपूर्ण होते हैं। आयोजकों के लिए यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि जहां पर ऐसे आयोजन…

भाजपा की छिछोरी प्रदर्शनबाजी

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं क्या पूरे देश के लिए यह जरूरी था कि सर्जिकल स्ट्राइक का ढोल पीटा जाता। यह अच्छा होता कि सेना दिवस पर भारतीय सेना के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती तथा इसका उल्लेख…

धर्म के आभामंडल को नुकसान पहुंचाती अदालतें

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं यह तर्कसंगत है कि बाबर कोई भगवान नहीं था तथा न ही वह ऐसी कोई भावना पैदा करता है। वह इस देश से बाहर मरा और वहां उसकी कब्र है। श्री राम को लेकर विश्वास व उनकी पूजा…

भाजपा के प्रबोधन काल की शुरुआत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं अब तक उपलब्ध साहित्य व नेताओं द्वारा दिए गए संबोधनों का सार यह रहा है कि पार्टी हिंदू समर्थक संगठन है तथा बहुसंख्यक समुदाय के हितों को संरक्षित करती रहेगी। वास्तव…

भाजपा के प्रोजेक्ट अच्छे, पर प्रबंधन सुस्त

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं सरकार की सफलताएं अगर गिननी हों, तो वन रैंक वन पेंशन, यूपीए कार्यकाल के 17 किलोमीटर के मुकाबले 40 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क निर्माण, सभी गांवों का विद्युतीकरण तथा आधार…

आखिर कब तक कोर्ट में उलझेगा कश्मीर मसला

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं पंचायत चुनाव के बहिष्कार की फारूक अब्दुल्ला की धमकी तथा इसी प्रकार की अन्य धमकियां सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली में बाधक नहीं बननी चाहिए। यह समझने योग्य है कि फारूक…

प्रभावशाली पड़ोसियों का रौब झेलता हिमाचल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हिमाचल में मसरूर टैंपल भी अंशत: नष्ट हो गया है और कोई यह नहीं जानता है कि यह क्या था। पूरा इतिहास भूतकाल के अवशेषों को सामने लाकर बनाया जा सकता है। ज्यादा शांतिपूर्ण…

भारत माता की जय या दुश्मन चिरंजीवी हों ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं आखिरकार ओसामा बिन लादेन एक बेरोजगार युवक नहीं था। स्पष्ट रूप से यह राजनीतिक प्रोपोगेंडा था, परंतु तथ्यों के प्रति सम्मान के बिना राहुल विदेशी जमीं पर अप्रमाणित सूचना…

भगत सिंह को बचाने में क्यों विफल हुए गांधी

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस स्वतंत्रता के लिए ब्रिटिश राज के खिलाफ अहिंसक आंदोलन चलाए हुए थी। लाला लाजपत राय की जब एक पुलिस लाठीचार्ज में मृत्यु हो गई तो…

महागठबंधन को महा झटका

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं अब तक यह महागठबंधन कोई परिणाम देने में विफल रहा है और इसे तीन बड़े झटके लगे हैं। भविष्य में सफलता का उत्साहजनक इशारा यह नहीं कर रहा है। महागठबंधन को पहला झटका उस समय…

दुविधाओं के जाल में फंसी कांग्रेस

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हर किसी को यह समझना चाहिए कि मोदी विकासात्मक लक्ष्यों के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए एक कुशल रणनीति का अनुसरण कर रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि कई विरोधियों की…