निर्दोष लोगों की कातिल बनती हिमाचली सड़कें

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हादसे के बाद शवों के पोस्टमार्टम हुए, राजनीतिज्ञों व नेताओं की ओर से हमेशा की तरह संवेदनाएं आईं और समय बीतने के साथ इस हादसे को हमेशा की तरह भुला दिया जाएगा। इस मामले…

सलमान खान केस में न्याय की विफलता

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं सलमान पर अपराध सिद्ध हुआ है, इसके बावजूद लोगों ने उनका स्वागत इस तरह किया मानो वे उनके कारनामे का अभिनंदन कर रहे हों। यह एक महत्त्वपूर्ण मामला है, न केवल इसलिए कि…

एयर इंडिया के पुनर्जीवन का फलसफा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हाल में एयर इंडिया के मुखिया के रूप में एक नागरिक प्रशासक को नियुक्त किया गया, लेकिन कुछ ही महीनों में उसे इससे आरामदायक पद  मिल गया तथा वह रेलवे में शिफ्ट हो गया।…

वाराणसी और दिल्ली की सियासी फिजाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राज्यसभा की एक-एक सीट महत्त्वपूर्ण हो गई है। हाल में मैंने जब वाराणसी का दौरा किया तो पाया कि वहां हर कोई राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनावों पर नजर गड़ाए…

आम आदमी के लिए न्याय कहां ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं अगर सभी को न्यायालय से बिना किसी पक्षपात, भ्रष्टाचार व कोई अन्य समस्या के न्याय मिल जाता है, तो इससे समाज में अच्छा, ईमानदार व सुरक्षित जीवन सुनिश्चित हो जाता है। यह…

भारतीय राजनीति का नया विचार

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं विचार की इस नई दिशा बनाने का श्रेय मोदी को जाता है। यह एक ऐसा विचार है जहां हम संविधान के अधीन रहेंगे, और जहां किसी को तुष्ट करने के लिए राजनीति नहीं होगी। मोदी के…

विकास का नया मॉडल बनाए हिमाचल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा की जो निम्न क्वालिटी है, उसे सुधारने के लिए सरकार को इसे प्राथमिकता देने की सख्त जरूरत है। इस ओर से आंख-कान मूंद लेना आधारभूत शिक्षा की…

विकास का नया मॉडल बनाए हिमाचल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं को कम से कम चार से छह ऐसे हवाई अड्डे बनाने चाहिएं, जो पर्यटकों व अन्य ट्रैफिक से पूरे राज्य को जोड़ते हों। यह कहां बनने चाहिएं, इस संबंध में विशेषज्ञों की राय ली…

विकास का नया मॉडल बनाए हिमाचल

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हिमाचल के पर्वतों व बर्फ से संपन्न कुदरती नजारों को कायम रखना आज जरूरी हो चुका है। प्रकृति ने हमें धूल रहित वातावरण दिया है, जिसे जॉब पैदा करने के नाम पर क्षति नहीं…

भारतीय लोकतंत्र के अप्रिय पहलू

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं लोकतंत्र का मतलब केवल यह नहीं है कि नियमों को लिख भर दिया जाए। इसकी अपनी एक आत्मा होती है जो सहभागिता के आधार पर काम करती है तथा जिसमें एक-दूसरे के प्रति सम्मान की…

राजस्थान चुनावों में भाजपा की हार बयां हुई ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं राजस्थान उपचुनाव के परिणाम किसी मोहभंग का नतीजा हैं अथवा भाजपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है, यह अगले कुछ महीनों में स्पष्ट हो जाएगा। कुछ लेखकों व मीडिया ने यह अवलोकन…

वैश्विक फलक पर नई पहचान बनाता भारत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं नरेंद्र मोदी ने हाल में एक करिश्मा कर दिखाया कि गणतंत्र दिवस पर आसियान समूह में शामिल दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष बुलाकर भारत की क्षमता व सांस्कृतिक विविधता से उन्हें…

प्रदेश हित में जयराम को तपना पड़़ेगा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं प्रदेश को विकास की अपनी प्राथमिकताएं जल्द तय करनी चाहिएं। चिन्हित लक्ष्यों पर एक समय सीमा के भीतर काम होना चाहिए। पहली प्राथमिकता पर्यटन है, लेकिन इसका विकास सड़कों,…

विवेकानंद : विश्व नेतृत्व को भारत के गुरु

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं आज जरूरत इस बात की है कि हम स्वामी विवेकानंद के मूल्यों को अपनाएं और भारत की महानता के लिए उनके द्वारा सुझाए गए मार्ग को समझें। वह एक ऐसे आध्यात्मिक नेता हैं, जो भारत…

हिमाचली सियासत में नाटकीय बदलाव

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हिमाचली राजनीति में बड़ा बदलाव आया है, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। ऐसा बदलाव प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। भाजपा चुनाव जीत गई, लेकिन उसके लिए स्थिति…