भरत झुनझुनवाला

 डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं पेट्रोल से ई-कारों पर जाने के स्थान पर हमें व्यक्तिगत कारों के स्थान पर बस तथा मेट्रो की तरफ बढ़ना चाहिए। ऐसा करने से हम कई समस्याओं से एक साथ छुटकारा पा लेंगे। शहरों मे प्रदूषण कम हो जाएगा, चूंकि कारें कम चलेंगी। हमारी ऊर्जा सुरक्षा

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं अर्थव्यवस्था की दृष्टि से सौर-चंद्र कैलेंडर उत्तम बैठता है। अमरीकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कुछ कठिनाई हो, तो भी ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय कंपनियों तथा मुस्लिम देशों के निवेशकों के लिए सौर-चंद्र कैलेंडर उपयुक्त रहता है। सौर-चंद्र कैलेंडर देश की जनता को अपने कार्य चंद्रानुकूल करने का अवसर देकर

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं उन स्किल्ज की भविष्य में ज्यादा जरूरत पड़ेगी, जो ‘सृजनात्मक हैं, सहभागिता आधारित हैं, जो विभिन्न तरह के वातावरण में कार्य कर सकती है, जो विभिन्न संस्कृतियों को समझ सकती हैं और जिनमें सामाजिक एवं भावनात्मक क्षमता है।’ ये क्षमताएं आर्ट्स से संबंधित हैं, जैसे भाषा,

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं सारांश यह है कि बीज आधारित बायो फ्यूल, गन्ने से बना इथेनाल, हाइड्रो पावर तथा यूरेनियम-आधारित परमाणु ऊर्जा हमारे लिए उपयुक्त नहीं है। कोयला अल्प समय में उपयोगी हो सकता है। देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सौर ऊर्जा, सेलूलोज आधारित बायो फ्यूल और थोरियम-आधारित परमाणु

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं हाइड्रोपावर, सिंचाई एवं जलमार्ग से गंगा को पहुंचाए जा रहे नुकसान की पूर्ति कृत्रिम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स से नहीं की जा सकती, जैसे घी की कमी को रिफाइंड तेल से पूरा नहीं किया जा सकता है। गंगा अविरल बहेगी तो उसमें मछली पनपेगी और पानी स्वतः

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं संरक्षण से अकुशल उत्पादन सदा चलता रहेगा, यह जरूरी नहीं है। इतना सही है कि उद्यमियों द्वारा कुशल उत्पादन तब ही किया जाता है, जब उन्हें प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़े। लेकिन इस प्रतिस्पर्धा का वैश्विक होना जरूरी नहीं है। घरेलू प्रतिस्पर्धा से भी यह कुशलता

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं देश के हर किसान को एक निर्धारित रकम हर वर्ष नकद देनी चाहिए जैसे एलपीजी सबसिडी को उसके खाते में डाला जा रहा है। जितनी रकम सरकार द्वारा पानी के मूल्य एवं नकदी फसलों पर जीएसटी से वसूल की जाए, उससे ज्यादा रकम किसानों को सीधे

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं केंद्र की राजग सरकार के कार्यकाल में कई बड़ी उपलब्धियों के बावजूद ग्रोथ रेट में गिरावट आई है। वास्तव में अर्थव्यवस्था की गिरती हालत नोटबंदी एवं जीएसटी का सीधा परिणाम है। इसमें कोई संशय नहीं है कि इन कदमों से तमाम लोग टैक्स के दायरे में

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं देश की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए ऊर्जा सुरक्षा स्थापित करना नितांत आवश्यक है। हमारे पास न कोयला है, न यूरेनियम है, न तेल है। नदियां पूजनीय हैं, लेकिन हमारे पास धूप और पहाड़ हैं। इनका जोड़ बना दें, तो हम अपने संसाधनों से ही