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कुलभूषण उपमन्यु

वन अधिकार का चुनावी मुद्दा

कुलभूषण उपमन्यु अध्यक्ष, हिमालय नीति अभियान फिलहाल तो सरकार ने हस्तक्षेप करके अपना पक्ष रखकर न्यायालय में बात रखी कि एफआरए के खारिज दावों के दावेदारों की बेदखली रोकी जाए, क्योंकि कुछ दावे ठीक जांच के बाद खारिज नहीं हुए हैं। यानी…

स्वच्छता में बड़ी बाधा प्लास्टिक

कुलभूषण उपमन्यु हिमालयन नीति अभियान के अध्यक्ष किसी भी देश के स्वास्थ्य और प्रगति के लिए स्वच्छता की भूमिका को सभी समझते हैं। वर्तमान सरकार ने भी इस आवश्यकता को समझ कर इसे विशेष स्थान देकर स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। कह सकते हैं कि यह…

आंतरिक एकता को समझें

कुलभूषण उपमन्यु हिमालयन नीति अभियान के अध्यक्ष हाल ही के पुलवामा के निंदनीय और कायराना आतंकवादी हमले के बाद देश में प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक था, किंतु यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के विरुद्ध और आतंकवादियों के विरुद्ध ही होनी चाहिए थी।…

कश्मीर पर दीर्घकालीन योजना जरूरी

कुलभूषण उपमन्यु हिमालयन नीति अभियान के अध्यक्ष  इस तरह की अवैध घोषणा के बल पर गिलगित-बल्तिस्तान पाकिस्तान ने कब्जे में लिया और शेष पाक अधिकृत कश्मीर को आक्रमण के द्वारा अवैध कब्जे में लिया। अतः पकिस्तान का कश्मीर राग पूरी तरह अवैध…

नदियों की अविरलता का महत्त्व

कुलभूषण उपमन्यु हिमालयन नीति अभियान के अध्यक्ष हमारे प्रधानमंत्री ने जीरो-डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट विकास की बात बार-बार की है। जीरो इफेक्ट का अर्थ है पर्यावरण पर शून्य प्रभाव डालने वाला विकास। इस आदर्श को ध्यान में रखा जाए, तो…

वनाधिकार पर बहानेबाजियां

कुलभूषण उपमन्यु हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष इस कानून को लागू करने में नेक नीयती का परिचय नहीं दिया गया। कोई न कोई बहाना घड़ कर इसे टालने या कानून को लागू करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण की व्यवस्था न करके कानून को लटकाया ही जा रहा है।…

वर्षा आधारित कृषि व्यवस्था को सुधारें

कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभियान के पहली, 84.5 प्रतिशत जोतें इतनी छोटी हैं कि उन्हें आर्थिक रूप से लाभदायक बनाने के लिए निश उत्पादों जैसे बेमौसमी सब्जियां, विशिष्ट फल, जड़ी-बूटियां आदि के उत्पादन को प्रोत्साहित करना। दूसरी,…

हिमालयी राज्यों के लिए महत्त्वपूर्ण समाचार

कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष हैं परिषद पांच कार्य समूहों की रपट के आधार पर कार्रवाई बिंदु तय करेगी और हिमालयी राज्यों और केंद्र सरकार द्वारा हिमालय क्षेत्र में विकास के टिकाऊ मॉडल को क्रियान्वित करने और अनुश्रवण…

चीड़ की पत्तियों के प्रबंधन की अच्छी खबर

कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभ्यिन के अध्यक्ष हैं आईआईटी मंडी (हिप्र) के ‘हिमालय क्षेत्रीय नवाचारी तकनीक विकास केंद्र’ ने तीन वर्ष की मेहनत के बाद चीड़ की पत्तियों से ब्रिकेट और पेलेट बनाने की तकनीक और प्लांट विकसित कर लिया…

भारत में बेरोजगारी का परिदृश्य

कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभ्यिन के अध्यक्ष हैं गांव-गांव को उत्पादन केकेंद्र के रूप में विकसित किया जाए और उस छोटे पैमाने के विकेंद्रित उत्पादन के अनुकूल छोटी-छोटी मशीनों की खोज की जाए और उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा को जरूरत…

जीडी अग्रवाल का बलिदान व्यर्थ न हो

कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष हैं नदी और उस पर आश्रित जीव जगत की अपरिहार्य पर्यावरणीय जरूरतों का तो ध्यान रखना ही पड़ेगा। यही तो करने के लिए प्रो. जीडी अग्रवाल कह रहे थे। गंगा तो भारतीय समाज की संस्कृति का अभिन्न…

हिमाचल पहले तो ऐसा नहीं था!

कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष हैं हमें उम्मीद करनी चाहिए कि जिंदान को न्याय तो मिले ही, किंतु इस बहाने इस क्षेत्र में गहरी बैठी जातिगत भेदभाव की दीवारों को तोड़ने के भी प्रयास इस तरह से हों कि समाज में टकराव के…

स्वच्छ ईंधन के लिए एथनोल का विकल्प

कुलभूषण उपमन्यु अध्यक्ष, हिमालयन नीति अभियान इसलिए एथनोल को तरल ईंधन के विकल्प के रूप में विकसित करना और मान्यता देना जरूरी हो गया है। एथनोल प्रदूषणकारी नहीं है और भारत में इसके उत्पादन के लिए बहुत कच्चा माल भी है। एथनोल बनाने के लिए…

पर्यावरण मित्र फैसलों का स्वागत

कुलभूषण उपमन्यु अध्यक्ष, हिमालयन नीति अभियान आज वनों से हमारी मुख्य मांग पर्यावरण संतुलन और स्थानीय समुदायों की जरूरतों को पूरा करना है। जैसे-जैसे औद्योगीकरण बढ़ेगा, हमें ज्यादा से ज्यादा वृक्षों की जरूरत शुद्ध वायु के निर्माण के लिए…

वनरोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी

कुलभूषण उपमन्यु अध्यक्ष, हिमालयन नीति अभियान इसलिए बेहतर यह होगा कि लोगों को समय-समय पर रोजगार देने और जरूरी काम निपटाने वाली विशेष व्यवस्था बनाई जाए। भले ही इसके लिए अलग कानून बनाना पड़े और ऐसी स्वयंसेवी भर्तियों पर 240 दिन में…