घोषणा पत्रों का चाट-मसाला

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार असल जीवन में डॉन जैसे अपराधी या तो पुलिस के हाथों मारे जाते हैं या फिर उनके प्रतिद्वंद्वी उनकी हत्या कर देते हैं और बहुत बार तो खुद उनके साथियों में से ही कोई उनकी जीवन लीला समाप्त कर देता है। अपराध…

जनता का प्रतिनिधि कौन

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार मुद्दों को लेकर चर्चा के मामले में मीडिया में कोई ज्यादा उत्साह नजर नहीं आता। उसके बजाय मीडिया की ओर से भी ऐसी कोशिशों की कमी नहीं है, जहां अनावश्यक और अप्रासंगिक बातों को मुद्दा बनाया जा रहा है। मीडिया तो…

ये कहां आ गए हम?

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार इंडियन आयल कारपोरेशन कब चुपचाप अडानी के हवाले कर दिया गया, पता ही नहीं चला। हाल ही में अडानी को छत्तीसगढ़ के सरगुजा और सूरजपुर जिलों के घने जंगलों में स्थित पारसा कोयला खदान के संचालन की शुरुआती स्तर की…

प्रजातंत्र की चाट-पकौड़ी

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार एक केंद्रीय मंत्री के बेटे की कंपनी का बनाया पुल उत्तर प्रदेश में ढह गया, साठ से अधिक लोग मारे गए, लेकिन कोई अंगुली नहीं उठी, कोई जांच नहीं हुई। जीवन बीमा निगम के फंड का दुरुपयोग, रिजर्व बैंक के फंड का…

चुनाव में कहीं गुम हैं मुद्दे

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार आंकड़ों में देश की अर्थव्यवस्था के गीत गाए जा रहे हैं, लेकिन क्या बातों से वस्तुस्थिति छिप सकती है। अब आखिरी समय में मोदी सरकार ने इतने लालीपॉप बांटे हैं कि जनता के हर वर्ग को उसने छुआ है, लेकिन सवाल यह उठ…

अब मुद्दों की स्ट्राइक

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार एक और बात पर ध्यान देना आवश्यक है। बालाकोट हमले के बाद आतंकवादियों की संख्या को लेकर फौज ने कभी कोई दावा नहीं किया। इसलिए यदि कोई सवाल उठाए जा रहे हैं, तो ये फौज के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यदि राजनीतिक…

सावधानी समय की जरूरत

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार पाकिस्तान के इस बयान के बावजूद हमें नहीं भूलना चाहिए कि अपने देश में किरकिरी से बचने के लिए अब पाकिस्तान ताबड़तोड़ कोशिशें करेगा, वहां के आतंकवादी संगठन भी सक्रिय होंगे। अतः आने वाला कुछ समय बहुत समझदारी…

आओ, जन्नत को संभालें

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार अब आवश्यकता है कि पाकिस्तान से हर तरह का संबंध खत्म किया जाए, स्थानीय अलगाववादियों और उनकी संस्थाओं के साथ-साथ देवबंद द्वारा संचालित मदरसों पर प्रतिबंध लगाया जाए, धारा 35-ए और धारा 370 को समाप्त किया जाए,…

संविधान समीक्षा का समय

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार यह खेद का विषय है कि हमारे संविधान ने खुद ही लोकतंत्र को मजाक बना डाला है। इस स्थिति से बचने का एक ही उपाय है कि अमरीकी शासन प्रणाली की तर्ज पर विधायिका और कार्यपालिका को बिलकुल अलग किया जाए। यानी संसद का…

निरंकुशता पर अंकुश जरूरी

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार भ्रष्टाचार निरोध के मामले में भी ऐसा ही है। सिर्फ विरोधी दलों के नेताओं के भ्रष्टाचार पर ही कार्रवाई हो रही है, वरना यह कैसे संभव था कि जय शाह की कंपनी के अकल्पनीय विस्तार की कोई जांच न होती? जय शाह पर…

दो धु्रवों के बीच जनता

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार प्रियंका गांधी को कांग्रेस में महासचिव बनाए जाने की खबर विश्व भर में बड़ी खबर बनी। विभिन्न चैनलों और वेबसाइटों के सर्वे कांग्रेस की बढ़ी हुई सीटों की बात करते हैं। निश्चय ही तीन राज्यों की जीत ने…

लोकतंत्र, चुनाव और आम आदमी

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार मैंने और मेरी टीम ने फेसबुक को खंगाला और ऐसे 250 लोगों की सूची बनाई जो इन सवालों का जवाब दे सकने के काबिल नजर आते थे। हमने उन सब को फोन किया और अपना मकसद बताया। अढ़ाई सौ लोगों में से 102 लोगों ने सर्वेक्षण…

समीक्षा के मुहाने पर संविधान

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार संसदीय प्रणाली के कारण हमारे संविधान के बहुत से प्रावधान लोकतंत्र की मर्यादाओं के विरुद्ध जाकर लोकतंत्र के मजाक का कारण बने हैं और निहित स्वार्थों के कारण कोई सरकार इसे सुधारने का प्रयत्न नहीं करती। यही…

नेता, नीतियां और नीयत

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सरकार ने लोकसभा में 8 लाख रुपए वार्षिक से कम आय वाले सामान्य वर्ग के लोगों के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण के प्रावधान का बिल पास करवा लिया है। लोकसभा में जिस तरह से 17 दलों ने इस बिल का समर्थन किया,…

प्रधान सेवक या प्रधान शासक

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार प्रधानमंत्री ने दावा भी किया कि नोटबंदी एकाएक उठाया गया कदम नहीं था, क्योंकि वे काले धन वालों को चेतावनी देते रहे थे, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया और उनसे यह नहीं पूछा गया, कि यदि यह योजना एक वर्ष पहले से…