भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार सीबीआई व आरबीआई के मामले में सरकार प्रभावशाली ढंग से काम नहीं कर पाई। सरकार ने भ्रष्टाचार से लड़ने की प्रतिबद्धता तो दिखाई, किंतु इस लड़ाई को वह प्रभावशाली तरीके से नहीं लड़ पाई। शासन में…

मोदी का कोई विकल्प नहीं

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार इंडिया टुडे, जिसका सामान्यतः भाजपा की ओर झुकाव नहीं है, के सर्वे में इसे 257 सीटें दी गई हैं जो कि पूर्ण बहुमत से 16 सीटें कम हैं। उधर सी वोटर ने एनडीए को 276 सीटें दी हैं जो कि पूर्ण बहुमत…

कलह के बीच आया नया साल

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार सबसे पहले कांगे्रस ने यह महसूस किया कि चूंकि उसके लोकसभा में 543 सदस्यों में से केवल 44 सदस्य हैं, अतः वह पूरी ताकत के साथ प्रभावशाली तरीके से काम नहीं कर सकती है। इसलिए उसने अन्य दलों के…

राजनीति में धूमिल सच्चाई

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार सच्चाई को इसलिए भी जानना जरूरी है क्योंकि प्रधानमंत्री को लेकर यह दावा किया जाता रहा है कि वह पूरी तरह ईमानदार हैं तथा अब तक उन्हें भ्रष्टाचार के किसी भी केस में संलिप्त नहीं पाया गया है।…

असमंजस में है भाजपा

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं मोदी के पास अब भी शानदार वापसी के कई अवसर हैं। इसके लिए यह जरूरी है कि वह भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ाई से निपटें तथा अपनी छवि को दागदार न होने दें। छोटे और मझोले…

सार्वजनिक धन की फिजूलखर्ची

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं विचारों की एक पाठशाला मानती है कि शादी अथवा जीवन से जुड़े अन्य समारोहों पर लोग निजी रूप से जो धन खर्च करते हैं, वह जाया नहीं जाता है क्योंकि इससे एक बड़ी आबादी को…

हिमाचल को कई हवाई पट्टियों की जरूरत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं यह बड़ी बात होगी अगर आप सभी गैर राजनीतिक विचारकों की सहभागिता के साथ एक एजेंडा तैयार करने के लिए वर्कशाप का आयोजन करते हैं। इस तरह की बैठक में हम विकास का दस्तावेज…

सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक जवाबदेही कहां है ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं कोर्ट के पास सभी शक्तियां हैं तथा वह यह जान सकती है कि किसने गोपनीयता के आदेशों का उल्लंघन किया और वह दंड भी दे सकती है। यह करने के बजाय कोर्ट ने झुंझलाहट का…

क्या राजनीति समय व संसाधनों की बर्बादी है ?

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं इसके विपरीत हमारे यहां कई तरह की औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। यहां कई रीतियां हैं, वीआईपी के साथ कारों का काफिला चलता है, रक्षक दल साथ होता है तथा हर कोई अतिथि का…

मोदी के एजेंडे पर टालमटोल करती संस्थाएं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं जैसा कि पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच कार्य-निष्पादन में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। हाल में रिजर्व बैंक के गवर्नर…

जन्म स्थान पर राम मंदिर क्यों नहीं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं उस बाबर की मस्जिद पत्रकारों अथवा न्यायपालिका या उन सब लोगों, जो इसे संरक्षित कर रहे हैं, के लिए इतनी मूल्यवान कैसे हो सकती है? मुसलमानों का शिया समुदाय पहले से ही…

सीबीआई की अंदरूनी घातक लड़ाई

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं जैसी कि आशा थी, कोर्ट इस केस को अपने हाथ में लेकर बहुत खुश हुई और उसने तुरंत सुनवाई की इजाजत दी। उसने आदेश दिया कि सीबीआई निदेशक के खिलाफ जांच का काम एक पखवाड़े में…

सबरीमाला : लैंगिक पक्षपात से मूल्यों तक

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं न्याय के लिए मूलभूत मसला यह है कि क्या महिलाओं का शोषण हुआ है अथवा अनुचित तरीके से लाभ पाने के लिए कहीं कोई लैंगिक पक्षपात हुआ है? सबरीमाला की अपने मूल्यों के लिए…

कसौली फेस्टिवल में ज्यादा राजनीति

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं इस तरह के फेस्टिवल नए उभरते लेखकों के लिए अपनी कृतियां पेश करने के नजरिए से महत्त्वपूर्ण होते हैं। आयोजकों के लिए यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि जहां पर ऐसे आयोजन…

भाजपा की छिछोरी प्रदर्शनबाजी

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं क्या पूरे देश के लिए यह जरूरी था कि सर्जिकल स्ट्राइक का ढोल पीटा जाता। यह अच्छा होता कि सेना दिवस पर भारतीय सेना के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती तथा इसका उल्लेख…